लग्जरी फैशन हाउस Giorgio Armani अपने संस्थापक के निधन के एक साल बाद **15%** हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है। कंपनी की वैल्यूएशन **€5-7 अरब** आंकी गई है। ध्यान दें कि यह एक विदेशी कंपनी है और भारतीय शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है।
दुनिया के मशहूर लग्जरी फैशन ब्रांड Armani Group ने अपनी 15% इक्विटी हिस्सेदारी बेचने की कवायद शुरू कर दी है। यह फैसला संस्थापक Giorgio Armani की वसीयत के अनुसार लिया गया है, जिनका निधन 4 सितंबर 2025 को हुआ था। कंपनी के मालिक अब इसे नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए €5 अरब से €7 अरब की वैल्यूएशन पर विचार कर रहे हैं।
भारतीय निवेशकों के लिए जरूरी सावधानी
भारतीय बाजार में मौजूद 'Arman Financial Services' या 'Arman Holdings' का इस इटैलियन ब्रांड से कोई लेना-देना नहीं है। Armani Group एक प्राइवेट कंपनी है और यह न तो NSE पर लिस्टेड है और न ही BSE पर। इसे केवल ग्लोबल लग्जरी सेक्टर की हलचल को समझने के लिए ट्रैक किया जाना चाहिए।
कंपनी के सामने चुनौतियां
साल 2025 में कंपनी की सेल्स €2.2 अरब रही, जिसमें 2.8% की गिरावट दर्ज की गई। लग्जरी सेक्टर में ग्लोबल स्तर पर छाई सुस्ती और भू-राजनीतिक तनाव का असर कंपनी के मुनाफे पर पड़ा है। नए CEO Giuseppe Marsocci फिलहाल कंपनी के ऑपरेशंस को स्ट्रीमलाइन करने और ब्रांड की चमक बनाए रखने पर काम कर रहे हैं।
किन कंपनियों की है नजर?
इस हिस्सेदारी को खरीदने के लिए LVMH, L'Oréal और EssilorLuxottica जैसी दिग्गज कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई है। चूंकि ये कंपनियां पहले से ही चश्मे और कॉस्मेटिक्स जैसे सेगमेंट्स में Armani के साथ लाइसेंसिंग पार्टनर हैं, इसलिए वे इसे अपनी रेवेन्यू स्ट्रैटेजी को सुरक्षित करने के एक मौके के रूप में देख रही हैं।
आगे देखना यह होगा कि कंपनी अपने नए बिजनेस प्लान के जरिए ग्रोथ को कैसे स्थिर करती है। Giorgio Armani Foundation कंपनी की कम से कम 30% पूंजी अपने पास रखेगी, ताकि ब्रांड की विरासत सुरक्षित रहे।
