मशहूर संगीतकार Zubeen Garg की मौत के मामले में गुवाहाटी की फास्ट-ट्रैक कोर्ट में अहम गवाही हुई है। घटना के वक्त याच (Yacht) पर मौजूद परीक्षित शर्मा ने अदालत में अपना बयान दर्ज कराया है, जिससे अब भारतीय और सिंगापुर प्रशासन की अलग-अलग रिपोर्टों के बीच चल रहे इस विवाद में नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
घटना 19 सितंबर 2025 की है, जब सिंगापुर के लेजरस आइलैंड के पास एक याच पर Zubeen Garg की मौत हो गई थी। 2 सितंबर 2026 को परीक्षित शर्मा, जो उस समय वहां मौजूद थे, ने गुवाहाटी की विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट में बतौर गवाह अपनी बात रखी। इस मामले में कानूनी कार्यवाही भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) की गंभीर धाराओं के तहत चल रही है, जिसमें मर्डर, आपराधिक साजिश और लापरवाही जैसे संगीन आरोप शामिल हैं।
प्रमुख आरोपियों पर कानूनी शिकंजा
इस केस में नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल के आयोजक श्यामकानू महंत और Zubeen Garg के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा मुख्य रूप से आरोपी हैं। अदालत में सभी आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताया है।
सिंगापुर बनाम भारत की रिपोर्ट
इस केस में सबसे बड़ा पेंच सिंगापुर पुलिस और भारतीय जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बीच है। सिंगापुर के अधिकारियों ने इसे अत्यधिक नशे और लाइफ जैकेट न पहनने के कारण हुई 'दुर्घटना' माना था। लेकिन असम पुलिस की SIT ने 60 से अधिक FIR दर्ज होने के बाद इस मामले को आपराधिक नजरिए से देखा। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी विदेशी जांच एजेंसियों के निष्कर्षों पर सवाल उठाए थे।
अब देश की सर्वोच्च अदालत (Supreme Court) भी इस केस की बारीकी से निगरानी कर रही है ताकि न्याय प्रक्रिया में देरी न हो। अदालत का मुख्य फोकस अब उस घटनाक्रम की सच्चाई पता करना है, जिसके कारण भारतीय जांच टीम ने इसे हत्या की साजिश करार दिया है।
