गायक Zubeen Garg की मौत के मामले में कानूनी लड़ाई तेज हो गई है। वकील Ratul Bora ने गुवाहाटी हाई कोर्ट द्वारा दो आरोपियों को दी गई जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है।
प्रसिद्ध गायक Zubeen Garg के निधन के मामले में अब कानूनी पेच और भी गहरा गए हैं। एडवोकेट Ratul Bora ने ऐलान किया है कि वे गुवाहाटी हाई कोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे, जिसके तहत सात में से दो आरोपियों को जमानत दे दी गई थी। उनका तर्क है कि पुलिस की जांच में बड़ी खामियां हैं, जिसके कारण आरोपी बाहर आ रहे हैं।
जांच में विरोधाभास (Conflicting Reports)
इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ मौत के कारणों को लेकर है। 19 सितंबर 2026 को सिंगापुर में निधन के बाद वहां की रिपोर्ट में इसे शराब के नशे में डूबने (accidental drowning) का मामला बताया गया था। इसके विपरीत, असम सरकार इसे हत्या (murder) मानकर जांच कर रही है। यह विरोधाभास मोरीगांव की फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चल रही सुनवाई के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
आगे क्या होगा?
वकील रत्ुल बोरा चाहते हैं कि कोर्ट इन जमानत आदेशों पर रोक लगाए ताकि बाकी पांच आरोपी भी राहत न पा सकें। जांच के दायरे में गायक के मैनेजर और North East India Festival के आयोजक भी शामिल हैं। इसके अलावा, मामले से जुड़े दो सुरक्षा अधिकारियों को भी आय से अधिक संपत्ति के मामले में हिरासत में लिया गया है। अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर हैं कि वह CID की जांच और सिंगापुर की रिपोर्ट के बीच सामंजस्य कैसे बिठाती है।
