अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने **6 अगस्त 2026** को ऐसे एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर किए हैं जो जन्मसिद्ध नागरिकता को सीमित करने के उद्देश्य से हैं। यह नीति 'बर्थ टूरिज्म' और विदेशी राजनयिकों के बच्चों को निशाना बनाती है, और यह **30 जून** को सुप्रीम कोर्ट द्वारा पिछले प्रयासों को खारिज किए जाने के बाद आई है। निवेशक अमेरिका की इमिग्रेशन पॉलिसी में संभावित बदलावों पर नजर रख रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 6 अगस्त 2026 को दो एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर किए हैं, जिनका मुख्य फोकस अमेरिका में जन्मसिद्ध नागरिकता (Birthright Citizenship) दिए जाने के तरीके को बदलना है। यह कदम 30 जून 2026 के सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के तुरंत बाद आया है, जिसने गैर-नागरिक माता-पिता से अमेरिकी धरती पर पैदा हुए बच्चों के लिए स्वचालित नागरिकता को समाप्त करने के एक व्यापक पिछले प्रयास को रोक दिया था।
नए निर्देश जन्मसिद्ध नागरिकता को पूरी तरह समाप्त करने के बजाय विशिष्ट समूहों को लक्षित करते हैं। प्रशासन 'बर्थ टूरिज्म' पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, एक ऐसी प्रथा जहाँ विदेशी नागरिक विशेष रूप से बच्चे को जन्म देने के लिए अमेरिका आते हैं। आदेशों में विदेशी सरकारी कर्मचारियों, विदेशी लॉबिस्टों, आतंकवादी समूहों के रूप में लेबल किए गए संगठनों के सदस्यों और प्रशासन द्वारा 'एलियन एनिमी' के रूप में वर्गीकृत किए गए लोगों से पैदा हुए बच्चों को स्पष्ट रूप से बाहर रखा गया है।
प्रशासन का तर्क है कि ये संकीर्ण नियम पिछले प्रयासों से कानूनी रूप से अलग हैं और संवैधानिक व्याख्याओं के अनुरूप हैं। हालांकि, अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन (ACLU) सहित कानूनी विशेषज्ञों और नागरिक अधिकार समूहों ने कहा है कि इन आदेशों को तत्काल अदालती चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। विवाद का मुख्य बिंदु अमेरिकी संविधान का 14वां संशोधन है, जो अमेरिकी क्षेत्र में पैदा हुए किसी भी व्यक्ति को नागरिकता की गारंटी देता है, चाहे उनके माता-पिता की स्थिति कुछ भी हो। आलोचकों का तर्क है कि कोई भी एग्जीक्यूटिव ऑर्डर इस संवैधानिक प्रावधान को ओवरराइड नहीं कर सकता।
निवेशकों के दृष्टिकोण से, यह विकास सीधे तौर पर कॉर्पोरेट कार्रवाई के बजाय एक मैक्रो-पॉलिटिकल घटना है। हालांकि इस नीति से किसी विशेष कंपनी की बैलेंस शीट या शेयर की कीमतों पर सीधा असर नहीं पड़ता है, लेकिन वैश्विक निवेशक अक्सर अमेरिकी इमिग्रेशन और वीजा-संबंधित नीतिगत बदलावों पर बारीकी से नजर रखते हैं। विदेशी नागरिकों के लिए नियामक वातावरण में कोई भी बदलाव अंतरराष्ट्रीय प्रतिभा की गतिशीलता के संबंध में भावना को प्रभावित कर सकता है, जो व्यापक प्रौद्योगिकी और सेवा क्षेत्रों में एक कारक है जहाँ भारतीय पेशेवर महत्वपूर्ण उपस्थिति रखते हैं।
कॉर्पोरेट आय या वित्तीय बाजारों पर प्रत्यक्ष, तत्काल प्रभाव का कोई सबूत नहीं है, क्योंकि नीति प्रशासनिक इमिग्रेशन नियमों पर केंद्रित है। हालांकि, इन आदेशों से जुड़ी कानूनी अनिश्चितता पिछले इमिग्रेशन नीति विवादों की तरह लंबे समय तक चलने वाले मुकदमेबाजी का कारण बन सकती है। निवेशकों के लिए मुख्य निगरानी बिंदु किसी भी अदालत के स्थगन आदेश होंगे जो इन आदेशों के कार्यान्वयन को रोक सकते हैं, साथ ही अंतरराष्ट्रीय श्रमिकों के लिए नियामक परिदृश्य को प्रभावित करने वाले भविष्य के इमिग्रेशन सुधारों के संबंध में सरकार के व्यापक संकेतों पर भी ध्यान देना होगा।
