US District Judge Indira Talwani ने मेल-इन वोटिंग नियमों के मामले में US Postal Service को आड़े हाथों लिया है। कोर्ट ने नए नियमों पर तत्काल रोक भले ही न लगाई हो, लेकिन कानूनी उलझनों के चलते नवंबर 2026 के मिडटर्म चुनावों से पहले स्थिति काफी अनिश्चित बनी हुई है।
कोर्ट की नाराजगी और विवाद की जड़
25 अगस्त, 2026 को US District Court की जज इंदिरा तलवानी ने US Postal Service (USPS) को कड़ी चेतावनी दी। कोर्ट ने एजेंसी पर चुनावी प्रक्रियाओं के संबंध में 'अनुपालन का दिखावा करने' का गंभीर आरोप लगाया है। विवाद की मुख्य वजह प्रशासन द्वारा लाए गए नए प्रशासनिक नियम हैं, जिनमें राज्यों को विस्तृत वोटर लिस्ट सौंपना और बैलट लिफाफों पर यूनिक बारकोड (barcode) लगाना अनिवार्य किया गया है।
कानूनी दांव-पेच और मार्केट पर असर
फिलहाल, इन नियमों को लागू करने से रोकने के लिए पहले से ही एक राष्ट्रव्यापी इनजंक्शन (injunction) लागू है, जिसके कारण कोर्ट ने कोई नया आदेश नहीं दिया है। 24 अगस्त, 2026 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक पुराने आदेश को हटाए जाने के बाद, डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने बाकी कानूनी बाधाओं को हटाने की मांग की है।
निवेशकों और ग्लोबल मार्केट पर नजर रखने वालों के लिए यह एक बड़ा मैक्रो रिस्क (Macro Risk) है। भले ही USPS कोई लिस्टेड कंपनी नहीं है, लेकिन चुनावी और प्रशासनिक स्थिरता में कमी अक्सर मार्केट सेंटीमेंट को प्रभावित करती है। 3 नवंबर, 2026 को होने वाले मिडटर्म चुनावों से पहले, राजनीतिक और नियामक जगत में बढ़ती यह खींचतान मार्केट में अस्थिरता (volatility) पैदा कर सकती है।
आने वाले समय में, इन कानूनी लड़ाइयों और सुप्रीम कोर्ट की भविष्य की टिप्पणियों पर नजर रखना जरूरी होगा, क्योंकि ये अमेरिका की चुनावी व्यवस्था की तैयारी और मार्केट की सतर्कता को सीधे प्रभावित करेंगी।
