Coalition for Humane Immigrant Rights (CHIRLA) ने अमेरिकी सरकार के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। यह मामला फेडरल डेटाबेस का उपयोग करके मतदाताओं की योग्यता जांचने की प्रक्रिया को चुनौती देता है, जिससे आने वाले चुनावों से पहले डेटा प्रैक्टिस पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
कानूनी चुनौती का आधार
Coalition for Humane Immigrant Rights (CHIRLA) ने वॉशिंगटन डी.सी. की डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में यह याचिका दाखिल की है। यह कानूनी कार्रवाई मुख्य रूप से Department of Homeland Security और Department of Justice की उस कार्यप्रणाली को निशाना बनाती है, जिसके तहत स्टेट वोटर लिस्ट और फेडरल रिकॉर्ड्स का मिलान किया जाता है।
डेटा की शुद्धता पर बड़ा सवाल
विवाद की जड़ में 'Systematic Alien Verification for Entitlements' (SAVE) प्रोग्राम और अन्य गुप्त डेटासेट्स का इस्तेमाल है। फेडरल अधिकारियों का दावा है कि कैलिफोर्निया की वोटर लिस्ट में करीब 1,90,000 ऐसे लोग शामिल हैं जो संभवतः नागरिक नहीं हैं। वहीं, याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह आंकड़े आधारहीन हैं और पुराने या गलत डेटा पर आधारित हैं। उनका दावा है कि इन तरीकों से सही सलामत नेचुरल-नागरिकों (naturalized citizens) के मताधिकार छिनने का जोखिम है।
रेगुलेटरी लैंडस्केप पर असर
यह कानूनी लड़ाई चुनाव प्रबंधन में फेडरल एडमिनिस्ट्रेटिव पावर और स्टेट कंट्रोल के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाती है। CHIRLA ने कोर्ट से एक इंजंक्शन (injunction) की मांग की है ताकि स्टेट रिकॉर्ड्स की समीक्षा को तुरंत रोका जा सके। इस केस का फैसला यह तय करेगा कि आगे चलकर फेडरल एजेंसियां चुनाव संबंधी डेटा को कैसे हैंडल करेंगी। निवेशकों और नीति निर्माताओं के लिए, कोर्ट का फैसला एक बड़ा 'मॉनिटरेबल' पॉइंट है, क्योंकि यह भविष्य की डेटा मैनेजमेंट पॉलिसीज के लिए एक नजीर बन सकता है।
