US Department of Justice (DOJ) ने Google के खिलाफ एक बड़ा मुकदमा दायर किया है। आरोप है कि कंपनी ने मिलिट्री रिजर्व से लौटे अपने एक कर्मचारी को उसकी पुरानी जिम्मेदारी और अकाउंट्स वापस नहीं दिए, जो नियमों का उल्लंघन है।
कानून का उल्लंघन और आरोप
US Department of Justice ने Google पर संघीय श्रम कानूनों, खास तौर पर USERRA (Uniformed Services Employment and Reemployment Rights Act) का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। यह कानून उन सैनिकों के अधिकारों की रक्षा करता है जो अपनी ड्यूटी पूरी करके वापस सिविलियन जॉब में लौटते हैं।
क्या है मामला?
यह मामला US Army Reserve के लेफ्टिनेंट कर्नल मार्क डेविडसन (Mark Davisson) से जुड़ा है। वे मई 2023 में अपनी एक साल की सर्विस पूरी करके Google में वापस लौटे थे। शिकायत के अनुसार, कंपनी ने उनका वेतन और पद तो बरकरार रखा, लेकिन उन्हें उनके पुराने क्लाइंट अकाउंट्स वापस नहीं दिए। इसके बजाय उन्हें दूसरी टीम में भेजा गया, जहाँ बाद में छंटनी (Layoff) के दौरान उनकी नौकरी चली गई।
निवेशकों के लिए क्यों है अहम?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह केस केवल एक एम्प्लॉयमेंट विवाद नहीं है, बल्कि ESG (Environmental, Social, and Governance) के लिहाज से भी बड़ी चुनौती है। अमेरिकी सरकार द्वारा किए गए इस मुकदमे से Google की कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर सवाल उठ सकते हैं और कंपनी पर रेगुलेटरी दबाव बढ़ सकता है। सरकार अब डेविडसन के लिए बकाया वेतन और मुआवजे की मांग कर रही है। फिलहाल Google की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
