Meta, Google, Snap और ByteDance को बड़ा झटका! हजारों 'एडिक्शन' केस अब आगे बढ़ेंगे

LAWCOURT
Whalesbook Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
Meta, Google, Snap और ByteDance को बड़ा झटका! हजारों 'एडिक्शन' केस अब आगे बढ़ेंगे

टेक दिग्गज कंपनियों Meta, Alphabet (Google), Snap और ByteDance को बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी अपीलीय अदालत ने बच्चों को उनकी प्लेटफॉर्म पर 'एडिक्टिव' बनाने के आरोपों को लेकर दायर हजारों मुकदमों को खारिज करने की उनकी कोशिश को नाकाम कर दिया है। इस फैसले से इन कंपनियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।

कोर्ट ने क्यों ठुकराई कंपनियों की दलील?

सैन फ्रांसिस्को में 9वें अमेरिकी सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स ने Meta Platforms, Alphabet की Google, ByteDance के TikTok और Snap Inc. के खिलाफ दायर हजारों संघीय मुकदमों को आगे बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। टेक कंपनियों की यह दलील थी कि 1996 के 'कम्युनिकेशंस डेकेन्सी एक्ट' के सेक्शन 230 के तहत उन्हें इन दावों से सुरक्षा मिलनी चाहिए। यह कानून ऑनलाइन कंपनियों को यूजर्स द्वारा डाली गई सामग्री के लिए कई तरह की देनदारियों से बचाता है।

लेकिन, अपीलीय अदालत ने फिलहाल इस बचाव को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि कंपनियों द्वारा मामलों को शुरुआत में ही रोकने का प्रयास जल्दबाजी में किया गया था। जजों ने यह भी स्पष्ट किया कि सेक्शन 230 देनदारी के खिलाफ एक बचाव है, न कि इस शुरुआती चरण में मुकदमों से पूर्ण छूट का अधिकार। इस फैसले के बाद, 3,000 से अधिक संघीय मुकदमों को संभावित ट्रायल की ओर बढ़ने का मार्ग मिल गया है।

निवेशकों के लिए बड़े खतरे

निवेशकों के लिए, यह फैसला इन कंपनियों के लिए बढ़ते कानूनी जोखिमों को उजागर करता है, जो उनके मुनाफे और बिजनेस मॉडल को प्रभावित कर सकता है। कानूनी निपटान और हर्जाने से परे, शेयरधारकों के लिए एक बड़ी चिंता यह है कि अदालत प्लेटफॉर्म के फीचर्स, जैसे कि इनफिनिट स्क्रॉल, नोटिफिकेशन सिस्टम या एल्गोरिथम डिजाइन में बदलाव का आदेश दे सकती है। ये फीचर्स वर्तमान में यूजर्स की सहभागिता और इन प्लेटफॉर्म पर बिताए जाने वाले समय को बढ़ाने के मुख्य कारण हैं।

हाल के कानूनी फैसलों से वादी (plaintiffs) के पक्ष में संकेत मिल रहे हैं। मार्च 2026 में, एक कैलिफोर्नियाई जूरी ने Meta और Google को एक 'बेलवेदर' ट्रायल में लापरवाही का दोषी पाया था और एक वादी को $6 मिलियन का हर्जाना देने का आदेश दिया था। इसके अलावा, न्यू मैक्सिको की एक अदालत ने हाल ही में Meta पर $567 मिलियन का जुर्माना लगाया था, क्योंकि अदालत ने पाया कि कंपनी के प्लेटफॉर्म ने किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने के संबंध में एक सार्वजनिक उपद्रव (public nuisance) पैदा किया था।

आगे की कानूनी चुनौतियां

कानूनी दबाव तुरंत है। Meta पहले से ही 12 अगस्त, 2026 को शुरू होने वाले एक अलग संघीय मुकदमे का सामना कर रही है, जिसे 29 राज्य के अटॉर्नी जनरल ने दायर किया है। इस मामले में कंपनी पर अपने प्लेटफॉर्म की सुरक्षा के बारे में उपभोक्ताओं को गुमराह करने और बच्चों के डेटा एकत्र करने का आरोप लगाया गया है।

निवेशकों को इन संघीय मामलों की प्रगति पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए, क्योंकि ये तय करेंगे कि क्या इन कंपनियों को वादियों द्वारा बताए गए मानसिक स्वास्थ्य प्रभावों के लिए वित्तीय रूप से उत्तरदायी ठहराया जाएगा। चल रहे कानूनी खर्च, संभावित मल्टी-बिलियन डॉलर के हर्जाने और मुख्य उत्पाद सुविधाओं में नियामक या अदालत द्वारा आदेशित बदलावों का खतरा इस सेक्टर के लिए प्रमुख निगरानी बिंदु बने हुए हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.