Drug Crackdown: उत्तर प्रदेश में नशीले कारोबारियों पर सख्त प्रहार, **₹78.5 करोड़** की संपत्ति जब्त

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Drug Crackdown: उत्तर प्रदेश में नशीले कारोबारियों पर सख्त प्रहार, **₹78.5 करोड़** की संपत्ति जब्त

उत्तर प्रदेश सरकार ने ड्रग माफियाओं के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए साल **2026** के पहले **9** महीनों में **₹78.5 करोड़** की अवैध संपत्तियां जब्त की हैं। NDPS एक्ट के तहत की गई यह कार्रवाई पिछले साल के मुकाबले **4** गुना ज्यादा है।

उत्तर प्रदेश प्रशासन नशा तस्करों की आर्थिक रीढ़ तोड़ने के लिए अब आक्रामक रुख अपना रहा है। 1 जनवरी से 23 सितंबर 2026 के बीच कुल 69 मामलों में ₹78.5 करोड़ की संपत्ति को जब्त किया गया है। राज्य सरकार अब PIT-NDPS एक्ट का इस्तेमाल करके सीधे तौर पर अपराधियों के कैपिटल बेस (Capital Base) पर चोट कर रही है।

आंकड़ों में तेजी

सरकार द्वारा जारी डेटा इस क्रैकडाउन की रफ्तार को बयां करता है। साल 2024 में जहां केवल ₹1 करोड़ की संपत्ति जब्त हुई थी, वहीं 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर ₹17 करोड़ तक पहुंच गया। अब 2026 के शुरुआती 9 महीनों में यह ₹78.5 करोड़ के पार निकल चुका है। इतना ही नहीं, कानूनी शिकंजा कसते हुए NDPS एक्ट के तहत नजरबंदी (Detention) के आदेश भी 2024 के 7 लोगों से बढ़कर 2026 में 71 तक पहुंच गए हैं।

आर्थिक आधार पर प्रहार

प्रशासन की रणनीति NDPS एक्ट की धारा 68-E और 68-F का उपयोग करने पर केंद्रित है। इसके तहत अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों को पहले अस्थायी रूप से फ्रीज और बाद में स्थायी रूप से जब्त किया जा सकता है। डीजीपी राजीव कृष्णा के अनुसार, इस मुहिम का मुख्य लक्ष्य साल 2029 तक राज्य को 'ड्रग-फ्री' बनाना है।

निवेशकों और बिजनेस जगत के लिए यह घटनाक्रम राज्य में सख्त रेगुलेटरी और प्रशासनिक माहौल का संकेत है। अंडरग्राउंड इकोनॉमी पर इस नियंत्रण का सीधा असर राज्य में बेहतर गवर्नेंस और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' (Ease of Doing Business) के मानकों पर पड़ेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.