नई दिल्ली: अमेरिकी कोर्ट में Trump Media & Technology Group (TMTG) के खिलाफ एक नया मुकदमा दायर हुआ है। यह मुकदमा कंपनी की 'Truth API' सर्विस को लेकर है, जिसके तहत हर महीने **$100,000** देकर खास पोस्ट्स तक अर्ली एक्सेस बेचा जाता है। यह कानूनी लड़ाई कंपनी के लिए बड़ा सिरदर्द साबित हो सकती है, खासकर तब जब वह लगातार घाटे से जूझ रही है।
'Truth API' सर्विस क्या है और क्यों हो रहा है विवाद?
Trump Media, जो Truth Social प्लेटफॉर्म की पैरेंट कंपनी है, ने हाल ही में 'Truth API' नाम की एक सब्सक्रिप्शन सर्विस शुरू की है। यह सर्विस 1 अगस्त, 2026 से लागू हुई है। इसके तहत, जो कंपनियां (जैसे ट्रेडिंग फर्म्स) पैसा देती हैं, उन्हें पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और अन्य अधिकारियों द्वारा की गई पोस्ट्स का तुरंत एक्सेस मिल जाता है। वादी, जिसमें Freedom of the Press Foundation और The Intercept शामिल हैं, का कहना है कि यह मॉडल असंवैधानिक है। उनका आरोप है कि यह सरकारी संचार का व्यवसायीकरण करता है और फर्स्ट अमेंडमेंट के तहत मिली समान सूचना पहुंच के अधिकार का उल्लंघन करता है। उनका यह भी कहना है कि पेमेंट करने वाले सब्सक्राइबर्स को मिलने वाला 6 घंटे का अर्ली एक्सेस आम जनता और न्यूज़ ऑर्गनाइजेशन के लिए अनुचित है, जिन्हें बाद में जानकारी मिलती है।
TMTG पर वित्तीय दबाव
यह कानूनी मामला ऐसे समय में आया है जब Trump Media, जो NASDAQ पर DJT टिकर से लिस्टेड है, पहले से ही भारी वित्तीय दबाव झेल रही है। कंपनी ने 2026 की दूसरी तिमाही में $238 मिलियन का नेट लॉस दर्ज किया है। 2026 के पहले छह महीनों में कंपनी का कुल घाटा $644 मिलियन तक पहुंच गया है। ऐसे में, 'Truth API' जैसी हाई-मार्जिन सर्विस कंपनी के लिए कैश फ्लो सुधारने का एक बड़ा जरिया मानी जा रही थी। अगर यह मुकदमा सफल होता है, तो कंपनी की कमाई की रणनीति का एक अहम हिस्सा खत्म हो सकता है। TMTG ने इस सर्विस का बचाव करते हुए कहा है कि यह इंडस्ट्री का सामान्य तरीका है और कई प्लेटफॉर्म्स इसी तरह के डेटा फीड्स इंस्टीट्यूशनल क्लाइंट्स को देते हैं। कंपनी ने आरोपों को खारिज करते हुए इसे शेयरधारकों को नुकसान पहुंचाने की राजनीतिक कोशिश बताया है।
ऑपरेशनल और पोर्टफोलियो जोखिम
मुकदमे के अलावा, निवेशक TMTG के अन्य ऑपरेशनल जोखिमों पर भी नजर रख रहे हैं। कंपनी के पास लगभग $1.2 बिलियन का बिटकॉइन और संबंधित एसेट्स हैं, जो काफी वोलेटाइल हैं। इसके साथ ही, कंपनी 2026 के अंत तक TAE Technologies के साथ मर्ज होने की भी योजना बना रही है, जिससे इसका प्रोफाइल और जटिल हो गया है।
यह कानूनी लड़ाई पहले से ही अस्थिर शेयर के लिए अनिश्चितता की एक और परत जोड़ती है। Trump Media के शेयर लिस्टिंग के बाद से ही काफी उतार-चढ़ाव से गुजरे हैं, जो कंपनी के लॉन्ग-टर्म बिजनेस मॉडल और प्रॉफिटेबिलिटी की राह पर बाजार के संदेह को दर्शाता है। इस कोर्ट केस का नतीजा, प्रस्तावित मर्जर की प्रगति, और कंपनी की सब्सक्रिप्शन सेवाओं को बढ़ाने की क्षमता, आने वाली तिमाहियों में निवेशकों के लिए मुख्य चिंता का विषय बने रहेंगे।
