Tamil Nadu Granite Baron R Veeramani: मुश्किलें बढ़ीं, तीसरा POCSO केस दर्ज और बढ़ी कस्टडी

LAWCOURT
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
Tamil Nadu Granite Baron R Veeramani: मुश्किलें बढ़ीं, तीसरा POCSO केस दर्ज और बढ़ी कस्टडी

चेन्नई के ग्रेनाइट कारोबारी R Veeramani पर POCSO एक्ट के तहत तीसरा मामला दर्ज किया गया है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) 2004 के एक मामले से जुड़ी **₹26.63 करोड़** की संदिग्ध ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है। अदालत ने उनकी न्यायिक हिरासत **9 अक्टूबर** तक बढ़ा दी है।

तमिलनाडु के 84 वर्षीय ग्रेनाइट व्यवसायी R Veeramani की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। उन पर POCSO एक्ट के तहत तीसरा केस दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई 2004 में एक छात्र की मौत से जुड़े मामले की जांच के दौरान सामने आए नए तथ्यों के बाद की गई है।

क्या है पूरा मामला?

जांच एजेंसियां दो दशक पुराने दावों को खंगाल रही हैं, जिसमें पीड़ित के परिवार ने शिक्षा के नाम पर मदद देने के बहाने शोषण का आरोप लगाया था। हालांकि 2017 के जल्लीकट्टू विरोध-प्रदर्शनों के दौरान उस समय के कई रिकॉर्ड नष्ट होने की सूचना है, फिर भी पुलिस हर संभव सबूत जुटाने में लगी है।

संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जांच

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, जांच में बड़े पैमाने पर पैसों के हेरफेर का खुलासा हुआ है। आरोप है कि R Veeramani ने सह-आरोपी शांति को ₹24.63 करोड़ और उनके पति महेंद्र सिम्हन को ₹2 करोड़ भेजे थे। अभियोजन पक्ष का कहना है कि यह पैसा सबूत मिटाने और नाबालिगों के शोषण से जुड़ी गतिविधियों को छिपाने के लिए दिया गया था।

NCPCR की नज़र

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने बताया कि घटना के समय पीड़ित बच्चों की उम्र 12 से 16 वर्ष के बीच थी। फिलहाल, स्थानीय POCSO कोर्ट ने R Veeramani की न्यायिक हिरासत को 9 अक्टूबर तक बढ़ा दिया है और चेन्नई पुलिस कमिश्नर की देखरेख में आगे की जांच जारी है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.