तमिलनाडु के मुख्यमंत्री C. Joseph Vijay ने राज्य में कानून-व्यवस्था सुधारने के लिए बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने महिलाओं के खिलाफ अपराध और भ्रष्टाचार के मामलों में पुलिस को पूरी तरह स्वतंत्र रहने के आदेश दिए हैं।
पुलिस प्रशासन को मिलेगी आजादी
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में साफ कर दिया है कि राज्य में अब कानून का राज चलेगा। सरकार ने पुलिस विभाग को किसी भी तरह के राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त रखने का फैसला किया है। इसका मकसद जांच प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाना है, ताकि अपराधियों के खिलाफ बिना किसी दबाव के कार्रवाई की जा सके। यह कदम राज्य के गवर्नेंस के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।
विपक्ष के दबाव का असर?
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब विपक्ष के नेता Udhayanidhi Stalin ने मई 2026 में सरकार बनने के बाद से राज्य में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर सरकार को घेरा है। 3 सितंबर, 2026 को विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए थे, जिसके जवाब में सरकार ने अब आक्रामक रुख अपनाया है।
भ्रष्टाचार पर प्रहार और नई पहल
सरकार केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ भी अभियान तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी है कि सरकारी कामकाज में घूसखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी, जिसके चलते हाल ही में सैकड़ों गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इसके अलावा, सरकार अब साइबर क्राइम जैसे आधुनिक खतरों से निपटने के लिए 'Singappen' जैसी विशेष पुलिस यूनिट्स की भूमिका को और मजबूत बनाने पर जोर दे रही है। अब जनता और निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि ये जमीनी बदलाव अपराध के आंकड़ों में कितनी कमी लाते हैं।
