तमिलनाडु पुलिस ने Gem Granites के फाउंडर आर. वीरमणि के सहयोगियों, शांति और महेंद्र सिम्हन की जमानत याचिका का विरोध किया है। पुलिस ने सबूतों के साथ छेड़छाड़ और गवाहों को धमकाने की आशंका जताई है।
तमिलनाडु पुलिस ने POCSO और IT एक्ट के तहत चल रहे हाई-प्रोफाइल मामले में शांति और महेंद्र सिम्हन की जमानत याचिका का पुरजोर विरोध किया है। चेन्नई की POCSO स्पेशल कोर्ट में दाखिल हलफनामे में पुलिस ने कहा कि अगर इन्हें जमानत मिलती है, तो जांच पर बुरा असर पड़ सकता है।
सबूतों को नष्ट करने का आरोप
पुलिस की जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, शांति को आर. वीरमणि से ₹24.63 लाख की रकम मिली थी, जिसका इस्तेमाल केस से जुड़े अहम सबूतों को नष्ट करने के लिए किया गया। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि अभी कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की फॉरेंसिक रिपोर्ट आना बाकी है, जो इस जांच में बेहद महत्वपूर्ण है।
SIT की निगरानी में चल रही जांच
इस पूरे मामले की कमान स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के पास है, जिसकी निगरानी एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस पीसी थेनमोझी कर रही हैं। अक्टूबर 2025 में सामने आए वीडियो सबूतों के बाद से ही पुलिस इस मामले में कोई ढिलाई नहीं बरत रही है।
अब सबकी नजरें 29 सितंबर, 2026 पर टिकी हैं, जब कोर्ट इस मामले पर सुनवाई करेगा। अभियोजन पक्ष ने आशंका जताई है कि आरोपी बाहर आने पर गवाहों और परिवार के सदस्यों को प्रभावित कर सकते हैं या देश छोड़कर भागने की कोशिश कर सकते हैं।
