Ahmedabad Serial Blasts: सुप्रीम कोर्ट ने दोषी अहमद बावा की फांसी पर लगाई रोक

LAWCOURT
Whalesbook Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Ahmedabad Serial Blasts: सुप्रीम कोर्ट ने दोषी अहमद बावा की फांसी पर लगाई रोक

2008 के अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ी राहत देते हुए दोषी अहमद बावा की फांसी की सजा पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने गुजरात सरकार को नोटिस जारी कर केस के ट्रायल रिकॉर्ड तलब किए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले में दोषी अहमद बावा, जिसे 'अब्बू अबूबकर बरेलवी' के नाम से भी जाना जाता है, की मौत की सजा पर रोक लगा दी है। जस्टिस विक्रम नाथ, ए.जी. मसीह और संदीप मेहता की बेंच ने मामले की बारीकी से कानूनी जांच के लिए ट्रायल कोर्ट के रिकॉर्ड को सुप्रीम कोर्ट में भेजने का आदेश दिया है।

यह घटनाक्रम 7 जुलाई, 2026 को गुजरात हाईकोर्ट द्वारा दिए गए उस फैसले के खिलाफ दायर अपील के बाद आया है, जिसमें 38 लोगों की मौत की सजा और 11 दोषियों को उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा गया था। साल 2008 में अहमदाबाद में हुए 21 धमाकों ने पूरे देश को दहला दिया था, जिसमें 56 लोगों की जान गई थी और 200 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।

सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को औपचारिक नोटिस जारी कर अपनी कार्यवाही शुरू कर दी है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी इस मुकदमे की गंभीरता पर अपनी बात रखी है। अब शीर्ष अदालत ट्रायल दस्तावेजों और दोनों पक्षों की दलीलों की संवैधानिक मानकों के आधार पर समीक्षा करेगी। इस फैसले से फिलहाल दोषी की फांसी की सजा का अमल रुक गया है और पूरी कानूनी प्रक्रिया के खत्म होने तक यह रोक प्रभावी रहेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.