सुप्रीम कोर्ट ने 2018 की टिप्पणियों को लेकर कांग्रेस नेता Rahul Gandhi के खिलाफ चल रहे आपराधिक मानहानि मुकदमे पर अंतरिम रोक लगा दी है। बॉम्बे हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद शीर्ष अदालत ने यह राहत दी है।
सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi को बड़ी कानूनी राहत दी है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए निचली अदालत की कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगाने का आदेश दिया है।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद साल 2018 का है, जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ता महेश एच. श्रीश्रीमाल ने एक प्राइवेट शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि राफेल फाइटर जेट खरीद पर राहुल गांधी द्वारा एक रैली में की गई टिप्पणी अपमानजनक थी। राहुल गांधी ने 'चोरों के सरदार' और 'कमांडर-इन-चीफ' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था, जिसे पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी की छवि खराब करने वाला बताया गया।
बॉम्बे हाईकोर्ट से लगा था झटका
इससे पहले 8 सितंबर, 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ जारी समन को रद्द करने से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ राहुल गांधी की कानूनी टीम ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
अब आगे क्या?
सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर 4 हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। अब इन जवाबों के बाद ही यह तय होगा कि ट्रायल आगे जारी रहेगा या पूरी तरह खारिज कर दिया जाएगा। तब तक के लिए राहुल गांधी को इस कानूनी प्रक्रिया से बड़ी राहत मिली है।
