CBSE Class XII Re-evaluation: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, री-इवैल्यूएशन पोर्टल फिर से खोलने की याचिका खारिज

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AuthorMehul Desai|Published at:
CBSE Class XII Re-evaluation: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, री-इवैल्यूएशन पोर्टल फिर से खोलने की याचिका खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने CBSE Class XII के री-इवैल्यूएशन पोर्टल को फिर से खोलने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने बोर्ड की समय-सीमा को सही ठहराते हुए कहा कि अब इसमें किसी भी तरह का बदलाव देशभर में होने वाले दाखिलों (Admissions) की प्रक्रिया को बिगाड़ सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने 25 अगस्त 2026 को CBSE के री-इवैल्यूएशन पोर्टल को फिर से खोलने की मांग करने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने स्पष्ट किया कि बोर्ड ने छात्रों को पर्याप्त समय दिया था और अब पोर्टल खोलने से प्रशासनिक काम-काज ठप पड़ सकते हैं।

नई तकनीकी व्यवस्था का विवाद

याचिकाकर्ताओं ने साल 2026 में लागू हुई नई 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (OSM) प्रणाली के दौरान तकनीकी दिक्कतों का हवाला दिया था। वकीलों का तर्क था कि डिजिटल स्कैनिंग में पन्ने गायब होने, उत्तर अन-असेस्ड रहने और धुंधली डिजिटल तस्वीरों जैसी समस्याएं आई हैं। उनका आरोप था कि इस नई व्यवस्था को बिना पर्याप्त ट्रेनिंग के लागू किया गया, जिससे ग्रेडिंग प्रक्रिया प्रभावित हुई।

कोर्ट ने क्या कहा?

CBSE ने कोर्ट को बताया कि निर्धारित समय के भीतर पहले ही 1.68 लाख छात्र अपना आवेदन जमा कर चुके हैं। बेंच ने माना कि अगर पोर्टल को दोबारा खोला जाता है, तो नई शिकायतों की बाढ़ आ जाएगी, जिससे रिजल्ट प्रोसेसिंग और यूनिवर्सिटी दाखिलों की पूरी प्रक्रिया पर बुरा असर पड़ेगा।

यह फैसला शिक्षा बोर्डों के डिजिटलीकरण में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों को उजागर करता है। हालांकि, कोर्ट का यह रुख यह सुनिश्चित करता है कि एकेडमिक कैलेंडर में स्थिरता बनी रहे और उच्च शिक्षा में दाखिले समय पर पूरे हो सकें। अब यह मामला पूरी तरह सुलझ चुका है और उन छात्रों को कोई और मौका नहीं मिलेगा जिन्होंने शुरुआती समय सीमा के भीतर आवेदन नहीं किया था।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.