पंजाब के निकाय चुनावों में हुई धांधली पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए पटियाला और मोगा के **50** वार्डों में दोबारा चुनाव कराने का आदेश दिया है। अब यह पूरी प्रक्रिया **6 हफ्ते** के भीतर कड़ी न्यायिक निगरानी में पूरी की जाएगी।
चुनावी गड़बड़ी पर सख्त एक्शन
सुप्रीम कोर्ट ने पटियाला के 28 और मोगा के 22 वार्डों में फिर से मतदान कराने का निर्देश दिया है। कोर्ट द्वारा नियुक्त आयोग ने अपनी रिपोर्ट में माना था कि दिसंबर 2024 के चुनावों के दौरान प्रत्याशियों को नामांकन भरने से रोका गया था और कागजों के साथ छेड़छाड़ की गई थी।
न्यायिक निगरानी में होगी प्रक्रिया
अदालत ने साफ किया है कि 6 हफ्ते की समय-सीमा के भीतर पूरी चुनावी प्रक्रिया खत्म होनी चाहिए। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस सीनियर लीगल ऑब्जर्वर्स की नियुक्ति करेंगे। इतना ही नहीं, नामांकन से लेकर वोटिंग तक की पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य कर दी गई है।
राजनीतिक घमासान
इस फैसले के बाद राज्य में सियासत तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए इस्तीफे की मांग की है। राज्य प्रशासन के लिए अब चुनौती 6 हफ्ते में निष्पक्ष चुनाव कराने की है, जिस पर विपक्षी दलों की पैनी नजर बनी रहेगी।
