सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व JD(U) नेता Anant Singh की अंतरिम जमानत बढ़ाने से इनकार कर दिया है। उन्हें **1 दिसंबर** तक सरेंडर करना होगा। साथ ही, अदालत ने बिहार पुलिस को मर्डर केस की जांच **4 महीने** में पूरी करने का निर्देश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए पूर्व Janata Dal (United) विधायक Anant Singh को 1 दिसंबर तक आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है। अदालत ने उनकी अंतरिम जमानत की अवधि को आगे बढ़ाने की अर्जी खारिज कर दी है। यह पूरा मामला Jan Suraaj Party के कार्यकर्ता Dular Chand Yadav की हत्या से जुड़ा हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना पिछले साल 30 नवंबर की है, जब बिहार की मोकामा विधानसभा सीट पर चुनावी गतिविधियों के दौरान Yadav की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में Anant Singh का नाम सामने आने के बाद उन्हें पिछले साल अक्टूबर में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, Patna High Court ने मार्च में उन्हें जमानत दे दी थी, लेकिन अब शीर्ष अदालत ने इस कानूनी प्रक्रिया पर लगाम कस दी है।
पुलिस को सख्त निर्देश
सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने बिहार पुलिस को स्पष्ट आदेश दिया है कि इस हत्याकांड की जांच 4 महीने के भीतर पूरी की जाए। अदालत इस मामले की निगरानी कर रही है और समय सीमा खत्म होने के बाद अगली सुनवाई तय की गई है। इस फैसले से राज्य की जांच एजेंसियों पर अपनी रिपोर्ट जल्द सौंपने का भारी दबाव बन गया है।
राजनीतिक हलचल
Anant Singh का मोकामा क्षेत्र में खासा प्रभाव रहा है। इसी बीच, Janata Dal (United) ने पार्टी विरोधी गतिविधियों का हवाला देते हुए इसी हफ्ते उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस कानूनी घटनाक्रम का असर आने वाले समय में मोकामा की सियासी स्थिरता पर पड़ सकता है। अब सभी की निगाहें पुलिस की जांच रिपोर्ट और कोर्ट की अगली तारीख पर टिकी हैं।
