सुप्रीम कोर्ट ने Bar Council of India (BCI) को 5 हफ्ते के भीतर चुनाव कराने का आदेश दिया है, जिससे चेयरमैन का अनिश्चितकालीन कार्यकाल खत्म हो गया है। मनन कुमार मिश्रा अब सिर्फ 'प्रो टेम' यानी अस्थायी क्षमता में काम करेंगे और उनके अधिकारों पर लगाम लगा दी गई है।
चुनावी प्रक्रिया का रोडमैप
सुप्रीम कोर्ट ने Bar Council of India (BCI) के कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए एक कड़ा रुख अपनाया है। चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली बेंच ने स्पष्ट किया है कि अब संस्था का कामकाज लोकतांत्रिक तरीके से ही चलेगा। इसके तहत, सभी हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को निर्देश दिया गया है कि वे 2 हफ्ते के भीतर अपने राज्य के बार काउंसिल में दो महिला सदस्यों की नियुक्ति करें।
चेयरमैन के अधिकार सीमित
चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा का कार्यकाल, जो पहले 2030 तक चलने की बात थी, अब पूरी तरह से बदल दिया गया है। कोर्ट ने उन्हें 'प्रो टेम' यानी अस्थायी पद पर रखा है। अब वे केवल रोजमर्रा के प्रशासनिक कामकाज ही संभाल सकेंगे। किसी भी बड़े नीतिगत फैसले को लेने के लिए अब उन्हें भारत के Attorney General और Solicitor General से अनिवार्य रूप से मंजूरी लेनी होगी।
अगली सुनवाई की तारीख
इस पूरी प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए कोर्ट ने 17 सितंबर, 2026 की तारीख तय की है, जिस दिन अनुपालन (compliance) की समीक्षा की जाएगी। यह कदम कानूनी जगत में जवाबदेही और लोकतांत्रिक गवर्नेंस को बहाल करने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
