Supreme Court ने चुनावी रोल (Electoral Roll) में कथित अनियमितताओं को लेकर Election Commission को नोटिस जारी किया है। विपक्षी नेताओं ने इसकी तकनीकी ऑडिट (Technical Audit) की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में चुनावी रोल में हुई 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (Special Intensive Revision) के दौरान हुई कथित गड़बड़ियों का संज्ञान लिया है। चीफ जस्टिस सूर्या कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने Election Commission को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
ऑडिट की मांग और याचिका
Rahul Gandhi और Sanjay Raut समेत कई विपक्षी नेताओं ने याचिका दायर कर मांग की है कि चुनावी डेटाबेस की एक निष्पक्ष तकनीकी ऑडिट कराई जाए। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि रोल में संदिग्ध तरीके से नाम हटाए गए हैं, जो चुनावी निष्पक्षता पर सवाल उठाता है। उन्होंने मांग की है कि इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी एक रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज के नेतृत्व में की जाए।
Sanjay Raut पर कोर्ट की कड़ी टिप्पणी
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने शिवसेना-UBT नेता Sanjay Raut के हालिया बयानों और आचरण पर कड़ी आपत्ति जताई है। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि उनकी याचिका में भागीदारी इस बात पर निर्भर करेगी कि वे चीफ जस्टिस पर की गई सार्वजनिक टिप्पणियों का क्या स्पष्टीकरण देते हैं। कोर्ट ने न्यायिक गरिमा बनाए रखने पर जोर दिया है।
दबाव के दावों का खंडन
सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्या कांत ने उन दावों को भी खारिज किया जिसमें कहा जा रहा था कि विपक्षी नेताओं के मार्च से न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। कोर्ट ने स्पष्ट संदेश दिया है कि न्यायपालिका किसी भी बाहरी दबाव में काम नहीं करती है और अपने स्वतंत्र निर्णयों के लिए प्रतिबद्ध है। अब सबकी निगाहें Election Commission द्वारा दाखिल किए जाने वाले जवाब पर टिकी हैं।
