सुप्रीम कोर्ट ने Concast Steel and Power Limited के पूर्व CMD Sanjay Sureka को बड़ी राहत दी है। **₹6,210.72 करोड़** के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उन्हें जमानत मिल गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने Concast Steel and Power Limited के पूर्व चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर Sanjay Sureka को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत दे दी है। वह 18 दिसंबर, 2024 से हिरासत में थे।
कोर्ट का क्या है तर्क?
जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने माना कि मुकदमे की संभावित लंबी अवधि को देखते हुए उन्हें अनिश्चित काल तक हिरासत में रखना उचित नहीं है। इस केस में लगभग 98 गवाह हैं और हजारों पन्नों के दस्तावेजी सबूत हैं, जिसके चलते कानूनी प्रक्रिया में लंबा समय लग सकता है।
कोर्ट ने जमानत के साथ सख्त शर्तें भी लगाई हैं:
- पासपोर्ट जमा करना: Sureka को अपना पासपोर्ट सरेंडर करना होगा।
- विदेश यात्रा पर रोक: बिना इजाजत वह विदेश नहीं जा सकेंगे।
- गवाहों से दूरी: वह किसी भी गवाह से संपर्क नहीं कर सकते और न ही सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं।
मामला क्या है?
आरोप है कि कंपनी ने बैंक क्रेडिट हासिल करने के लिए अपना टर्नओवर फर्जी तरीके से बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया था। जांच एजेंसियों का दावा है कि इन पैसों को 62 शेल कंपनियों के जरिए डायवर्ट किया गया। कुल कथित अपराध की राशि ₹6,210.72 करोड़ है, जिसमें से प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अब तक लगभग ₹777.10 करोड़ की संपत्ति जब्त (Attach) की है।
फिलहाल Concast Steel and Power Limited लिक्विडेशन की प्रक्रिया से गुजर रही है। अदालत का यह आदेश केवल व्यक्तिगत स्वतंत्रता के तहत एक प्रक्रियात्मक कदम है, इसका मतलब यह नहीं है कि कंपनी या उन पर चल रही जांच खत्म हो गई है।
