सुप्रीम कोर्ट ने Exalogic से जुड़े कथित पे-ऑफ मामले की जांच पर **10** दिनों के लिए अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने केरल हाई कोर्ट को निर्देश दिया है कि वह प्रक्रियात्मक निष्पक्षता (procedural fairness) को ध्यान में रखते हुए मामले की दोबारा सुनवाई करे।
सुप्रीम कोर्ट ने Exalogic पे-ऑफ मामले में चल रही जांच पर 10 दिन के लिए रोक लगा दी है। यह पूरा मामला Cochin Minerals and Rutile Ltd (CMRL) द्वारा IT फर्म Exalogic Solutions को किए गए भुगतान के आरोपों से जुड़ा है। इस राहत का असर T. Veena और P.A. Mohamed Riyas से संबंधित चल रही FIR कार्यवाही पर पड़ेगा।
क्या है पूरा मामला?
यह कानूनी दखल 9 अक्टूबर को केरल हाई कोर्ट की सिंगल-जज बेंच द्वारा दिए गए उस आदेश के खिलाफ आया है, जिसमें 'प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट' के तहत FIR दर्ज करने की मंजूरी दी गई थी। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि आरोपियों को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर नहीं दिया गया, जो कि 'नेचुरल जस्टिस' (natural justice) के सिद्धांतों के खिलाफ है।
अब आगे क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यह रोक आरोपों की सत्यता पर कोई फैसला नहीं है। अदालत ने FIR को रद्द नहीं किया है, बल्कि मामले को वापस केरल हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच के पास भेज दिया है। अब केरल हाई कोर्ट यह तय करेगा कि कानूनी प्रक्रिया आगे कैसे बढ़ेगी। सुप्रीम कोर्ट के इस रुख ने स्पष्ट कर दिया है कि जांच से पहले कानूनी प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित होना अनिवार्य है। अब सबकी निगाहें केरल हाई कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं।
