सुप्रीम कोर्ट ने बोरीवली में बस स्टेशन की जमीन से अवैध कब्जा न हटाने पर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने BMC कमिश्नर की सैलरी फ्रीज कर दी है और नगर निकाय पर **₹5 लाख** का जुर्माना लगाया है।
सुप्रीम कोर्ट ने Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) के कामकाज पर कड़ी नाराजगी जताते हुए म्युनिसिपल कमिश्नर अश्विनी सतीश भिड़े की सैलरी तत्काल प्रभाव से फ्रीज करने का आदेश दिया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने यह फैसला तब लिया जब बार-बार निर्देश देने के बावजूद मुंबई के बोरीवली इलाके में बस स्टेशन की जमीन से अवैध कब्जे नहीं हटाए गए।
अदालत का सख्त रुख और डेडलाइन
यह जमीन Brihanmumbai Electric Supply and Transport (BEST) के बस स्टेशन के लिए आरक्षित थी। नवंबर 2025 और जुलाई 2026 में स्पष्ट आदेश मिलने के बाद भी कार्रवाई न होने पर कोर्ट ने इसे अवमानना (Contempt) माना है। कोर्ट ने BMC पर ₹5 लाख का जुर्माना भी ठोक दिया है और किसी भी तरह की मोहलत देने से इनकार कर दिया है। अब इस मामले में अनुपालन के लिए 1 दिसंबर 2026 की आखिरी तारीख तय की गई है।
सरकारी लापरवाही पर सवाल
कोर्ट का मानना है कि इस तरह की देरी के पीछे नगर निकाय के कर्मचारियों और कब्जाधारियों के बीच मिलीभगत हो सकती है। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर तय समय सीमा तक आदेश का पालन नहीं हुआ, तो अधिकारियों को जेल तक की सजा भुगतनी पड़ सकती है। यह घटना सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में प्रशासनिक लेटलतीफी और जवाबदेही की कमी को उजागर करती है।
