Election Commission Form 6: सुप्रीम कोर्ट ने ECI के दावों को नकारा, कहा- हमने नए फॉर्म को मंजूरी नहीं दी

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AuthorNeha Patil|Published at:
Election Commission Form 6: सुप्रीम कोर्ट ने ECI के दावों को नकारा, कहा- हमने नए फॉर्म को मंजूरी नहीं दी

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि उसने Election Commission के संशोधित 'फॉर्म 6' को मंजूरी नहीं दी है। कोर्ट ने ECI के उस प्रेस रिलीज को खारिज किया है जिसमें मई 2026 के एक पुराने फैसले का हवाला देकर नए फॉर्म को मान्य बताया गया था।

कोर्ट की स्पष्ट टिप्पणी

चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने साफ कर दिया है कि Election Commission of India (ECI) द्वारा लाए गए बदलावों पर कोर्ट की कोई मुहर नहीं लगी है। यह स्पष्टीकरण 26 सितंबर 2026 को जारी उस प्रेस रिलीज के बाद आया है, जिसमें ECI ने दावा किया था कि बिहार इलेक्टोरल रोल से जुड़े मई 2026 के पुराने फैसले ने नए फॉर्म को वैधता दे दी है।

क्या है विवाद की जड़?

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिस वक्त पुराना फैसला आया था, उस समय यह 'संशोधित फॉर्म' अस्तित्व में ही नहीं था। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि ECI ने बिना किसी जरूरी विधायी संशोधन (Statutory Amendments) के वोटर रजिस्ट्रेशन की शर्तों में बदलाव किए हैं। नए फॉर्म में पूर्वजों के विवरण और पिछले रिवीजन साइकिल से लिंक करने जैसी जटिल शर्तें जोड़ी गई हैं, जिसे लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

आगे की राह

अब सबकी नजर 27 अक्टूबर 2026 की तारीख पर है। कोर्ट ने इस मामले को अन्य पेंडिंग याचिकाओं के साथ क्लब कर दिया है। इस सुनवाई में ईसीआई की प्रक्रियात्मक स्वायत्तता और वोटर रजिस्ट्रेशन फ्रेमवर्क की कानूनी वैधता की गहराई से समीक्षा की जाएगी। निवेशकों और इंस्टीट्यूशनल ऑब्जर्वर्स के लिए यह सुनवाई चुनावी प्रशासन की पारदर्शिता और प्रशासनिक सुधारों की दिशा समझने के लिहाज से बेहद अहम होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.