Supreme Court: गलत हलफनामा देने वाले नेताओं पर अब आम नागरिक सीधे दर्ज करा सकेंगे केस

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AuthorMehul Desai|Published at:
Supreme Court: गलत हलफनामा देने वाले नेताओं पर अब आम नागरिक सीधे दर्ज करा सकेंगे केस

सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए साफ कर दिया है कि चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार अगर गलत जानकारी देते हैं, तो उनके खिलाफ अब आम नागरिक सीधे क्रिमिनल केस दर्ज करा सकेंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी पारदर्शिता के लिए ऐतिहासिक रुख अपनाया है। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की बेंच ने स्पष्ट किया है कि उम्मीदवार द्वारा अपने नॉमिनेशन पेपर में गलत जानकारी देने पर अब निजी व्यक्ति सीधे कोर्ट में क्रिमिनल शिकायत दर्ज करा सकते हैं।\n\n### पुरानी बाधाएं खत्म\n\nपहले यह माना जाता था कि 'कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर' की धारा 195 के तहत केवल सरकारी अधिकारी ही ऐसी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं, लेकिन अब कोर्ट ने साफ कर दिया है कि यह पाबंदी 'रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट, 1951' की धारा 125-A पर लागू नहीं होती।\n\n### क्या होगा असर?\n\nधारा 125-A के तहत गलत जानकारी देने पर उम्मीदवार को 6 महीने तक की जेल या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। इस फैसले से अब नेता अपनी संपत्ति, शिक्षा और क्रिमिनल रिकॉर्ड के बारे में गलत जानकारी देने से पहले सौ बार सोचेंगे।\n\nआर्थिक और एडमिनिस्ट्रेटिव मोर्चे पर भी इसका गहरा असर पड़ेगा। जब जनप्रतिनिधि जवाबदेह होंगे, तो भविष्य में पॉलिसी का माहौल और अधिक पारदर्शी बनेगा, जो अंततः देश के इन्वेस्टमेंट क्लाइमेट के लिए भी बेहतर है।

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