सिंगापुर के वर्कर्स पार्टी के प्रमुख प्रीतम सिंह को कोर्ट ऑफ थ्री जजेज ने एडवोकेट्स और सॉलिसिटर्स की लिस्ट से हटा दिया है। यह फैसला **13 अगस्त 2026** को सुनाया गया और यह **2025** में संसदीय समिति के सामने झूठ बोलने के आपराधिक दोषसिद्धि के बाद आया है। यह एक महत्वपूर्ण कानूनी और राजनीतिक घटना है, लेकिन इसका लिस्टेड कंपनियों या वित्तीय बाजार से कोई लेना-देना नहीं है।
सिंगापुर की कोर्ट ऑफ थ्री जजेज ने विपक्षी नेता प्रीतम सिंह को एडवोकेट्स और सॉलिसिटर्स की लिस्ट से औपचारिक रूप से हटा दिया है। 13 अगस्त 2026 को घोषित इस फैसले ने उनके कानूनी करियर को प्रभावी ढंग से समाप्त कर दिया है। यह अनुशासनात्मक कार्रवाई फरवरी 2025 में उनकी आपराधिक दोषसिद्धि का सीधा परिणाम है, जिसमें उन्हें संसदीय समिति के सामने शपथ के तहत झूठी गवाही देने के दो मामलों में दोषी पाया गया था।
इस मामले से जुड़ी कानूनी कार्यवाही एक साल से अधिक समय से चल रही थी। हाई कोर्ट ने दिसंबर 2025 में उनकी दोषसिद्धि को बरकरार रखा था, जिसके बाद उन पर SGD 14,000 का जुर्माना लगाया गया था। कोर्ट ऑफ थ्री जजेज के सामने अनुशासनात्मक सुनवाई में, सिंह ने उन्हें वकील के पद से हटाने की अर्जी का विरोध नहीं किया। उन्होंने स्वीकार किया कि एक वकील बने रहने के लिए आवश्यक कानूनी मानदंड - जिसके लिए सत्यनिष्ठा के उच्च मानकों की आवश्यकता होती है - दोषसिद्धि की प्रकृति को देखते हुए पूरा नहीं किया जा सकता है। आदेश के हिस्से के रूप में, सिंह को सिंगापुर लॉ सोसाइटी को SGD 5,808 की कानूनी लागत और व्यय का भुगतान करने का भी निर्देश दिया गया था।
सिंगापुर के घटनाक्रम पर नज़र रखने वालों के लिए, यह मामला मुख्य रूप से कानूनी नैतिकता और राजनीतिक शासन का है। वर्कर्स पार्टी के महासचिव के रूप में, सिंह राष्ट्र की राजनीतिक प्रणाली में एक केंद्रीय व्यक्ति हैं। वकालत से हटाया जाना एक पेशेवर कानूनी प्रतिबंध है और इसका कॉर्पोरेट वित्तीय परिणामों, शेयर बाजार के प्रदर्शन या क्रेडिट रेटिंग पर सीधा प्रभाव नहीं पड़ता है। इस कार्यवाही से जुड़ी कोई लिस्टेड संस्थाएं या वित्तीय साधन नहीं हैं।
यह विकास सिंगापुर के व्यापक राजनीतिक माहौल के लिए महत्वपूर्ण है। विश्लेषक और पर्यवेक्षक अब इस बात पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं कि यह परिणाम वर्कर्स पार्टी के आंतरिक नेतृत्व की गतिशीलता और संसदीय विपक्ष की स्थिरता को कैसे प्रभावित करता है। रुचि का अगला क्षेत्र यह होगा कि पार्टी अपनी नेतृत्व संरचना का प्रबंधन कैसे करती है और क्या यह कानूनी निष्कर्ष राजनीतिक रणनीति में बदलाव की ओर ले जाता है। निवेशक और जनता इस कानूनी समाधान के बाद पार्टी के शासन और भविष्य की दिशा के संबंध में वर्कर्स पार्टी की ओर से किसी भी आधिकारिक बयान का इंतजार करेंगे।
