Mahadev Online Betting ऐप मामले में टेलीविजन पर्सनालिटी शेफली बग्गा ने Enforcement Directorate (ED) को **₹1.2 करोड़** की राशि वापस कर दी है। निवेशकों के लिए यह मामला इसलिए अहम है क्योंकि जांच में यह खुलासा हुआ है कि सट्टेबाजी के काले धन का इस्तेमाल कुछ लिस्टेड कंपनियों के शेयर भाव को मैनिपुलेट करने के लिए किया गया था।
सट्टेबाजी का जाल और बाजार पर असर
Enforcement Directorate (ED) द्वारा Mahadev Online Betting सिंडिकेट की जांच लगातार गहरी होती जा रही है। इस मामले में पूर्व बिग बॉस कंटेस्टेंट शेफली बग्गा ने जांच एजेंसी को ₹1.2 करोड़ सौंपे हैं। इससे पहले दिल्ली स्थित उनके आवास पर हुई छापेमारी में ₹30 लाख जब्त किए गए थे, जिसके बाद इस केस में रिकवरी की कुल रकम ₹1.5 करोड़ तक पहुंच गई है। ED का आरोप है कि ये पैसे उन्हें सोशल मीडिया पर सट्टेबाजी ऐप के प्रमोशन के एवज में मिले थे।
निवेशकों की चिंता का कारण
शेयर बाजार के निवेशकों के लिए यह सिर्फ एक सेलिब्रिटी केस नहीं है। ED की जांच के दायरे में ₹75,000 करोड़ से ज्यादा का अवैध लेनदेन है। एजेंसी का शक है कि इस बेहिसाब रकम को विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) और विभिन्न कॉरपोरेट एंटिटीज के जरिए शेयर बाजार में पंप किया गया ताकि कुछ लिस्टेड कंपनियों के शेयर कीमतों को प्रभावित किया जा सके।
रडार पर कौन सी कंपनियां?
जांच की आंच अब कई दिग्गज कंपनियों तक पहुंच गई है। ED वर्तमान में इस बात की जांच कर रही है कि सट्टेबाजी नेटवर्क का वित्तीय ढांचा सेकेंडरी मार्केट को कैसे प्रभावित कर रहा था। इसमें Ebix Group और EaseMyTrip से जुड़े व्यक्तियों के नाम भी सामने आए हैं।
आने वाले दिनों में निवेशकों को उन कंपनियों पर कड़ी नजर रखनी होगी जिनके नाम चार्जशीट में शामिल हैं। क्या इन कंपनियों के फंड फ्लो में कोई गड़बड़ी पाई गई है, यह बाजार की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाएगा।
