पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में कोर्ट के आदेश पर 2021 चुनाव बाद हुई हिंसा के मामले में एक बड़ा कदम उठाया गया है। अधिकारियों ने BJP कार्यकर्ता अस्तिक चंद्र दास के अवशेषों को कब्र से बाहर निकाला है ताकि मामले की नए सिरे से फॉरेंसिक जांच की जा सके।
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में रविवार को एक न्यायिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में अस्तिक चंद्र दास के अवशेषों को कब्र से निकाला गया। झंझानिया गांव के रहने वाले अस्तिक चंद्र दास, Bharatiya Janata Party (BJP) के कार्यकर्ता थे, जिनकी मृत्यु 2021 विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद हुई थी।
फॉरेंसिक जांच की चुनौती
करीब 3 साल बाद हुई इस कानूनी कार्रवाई के पीछे परिवार की लंबे समय से चली आ रही मांग है। परिवार का आरोप है कि चुनाव नतीजों के बाद Trinamool Congress (TMC) समर्थकों द्वारा किए गए हमले में अस्तिक चंद्र दास को गंभीर चोटें आईं थीं। परिवार ने यह भी दावा किया कि उस समय स्थानीय प्रशासन ने उन्हें उचित मेडिकल सुविधा नहीं लेने दी और दबाव बनाकर शव को दफनाने पर मजबूर किया था। अब इन अवशेषों को फॉरेंसिक लैब भेजा गया है ताकि मौत की असल वजह का पता चल सके।
राजनीतिक सरगर्मी
संदेशखाली इलाका साल 2024 की शुरुआत से ही राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में रहा है। इस मामले का फिर से खुलना 2021 चुनाव के दौरान हुई हिंसा के लिए जवाबदेही तय करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
नोट: निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि यह पूरी तरह से एक कानून-व्यवस्था और राजनीतिक मामला है। इसका किसी भी लिस्टेड कंपनी के कामकाज या शेयर बाजार के रुझानों से कोई सीधा संबंध नहीं है। अगली बड़ी अपडेट फॉरेंसिक रिपोर्ट और कोर्ट की आगामी सुनवाई के बाद ही सामने आएगी।
