सहारनपुर में डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ऑफिस परिसर में बनी मस्जिद को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया है। इसे अवैध कब्जा बताते हुए प्रशासन ने **₹6.41 करोड़** का जुर्माना भी लगाया है। वहीं, कैराना सांसद इकरा हसन ने दावा किया है कि उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया गया है।
कानूनी कार्यवाही और जुर्माना
सहारनपुर, उत्तर प्रदेश में प्रशासन ने 5 सितंबर, 2026 को बड़ी कार्रवाई करते हुए डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के दफ्तर में बनी मस्जिद को गिरा दिया। यह कार्रवाई 4 सितंबर, 2026 को जिला जज द्वारा मस्जिद कमेटी की अपील खारिज किए जाने के बाद की गई। कोर्ट ने सिटी मजिस्ट्रेट के उस आदेश को सही माना, जिसमें इस ढांचे को सरकारी जमीन पर अवैध अतिक्रमण घोषित किया गया था। बजरंग दल के पूर्व प्रांतीय समन्वयक विकास त्यागी की शिकायत पर जांच के बाद प्रशासन ने सरकारी संपत्ति के अनधिकृत उपयोग के लिए ₹6.41 करोड़ का भारी जुर्माना लगाया है।
सियासी हलचल
इस घटना के बाद राज्य में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने दावा किया है कि उन्हें उनके घर पर ही नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया गया है। इकरा हसन का आरोप है कि प्रशासन ने उन्हें सहारनपुर जाने और प्रभावित लोगों से मिलने से रोकने के लिए यह कदम उठाया है। इस पाबंदी पर समाजवादी पार्टी नेतृत्व ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे एक जन-प्रतिनिधि के अधिकारों का उल्लंघन बताया है।
प्रशासनिक अभियान
यह विध्वंस उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के व्यापक अभियान का हिस्सा है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी परिसरों की सुरक्षा और जमीन को वापस पाने के लिए यह प्रक्रिया जरूरी है। हालांकि, इस तरह की कार्रवाइयों पर कानूनी और राजनीतिक गलियारों में अक्सर बहस छिड़ जाती है, जहां मुख्य मुद्दा 'ड्यू प्रोसेस' (उचित कानूनी प्रक्रिया) का पालन करने का होता है।
