सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (ECI) को All India Trinamool Congress के सिंबल और नेतृत्व विवाद पर जल्द फैसला लेने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि मामले को सुलझाने के लिए **3 महीने** की समय सीमा पर्याप्त है।
कोर्ट का सख्त रुख
जस्टिस सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने इलेक्शन कमीशन की 6 महीने की मांग को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी बाय-पॉल्स से पहले राजनीतिक स्थिति में स्पष्टता जरूरी है, इसलिए मामले का निपटारा 3 महीने के भीतर किया जाना चाहिए।
क्या है प्रक्रिया?
यह विवाद ममता बनर्जी और अरूप रॉय के गुटों के बीच पार्टी की ओनरशिप को लेकर है। आदेश के तहत, दोनों गुटों को अगले 4 हफ्तों में अपने अंतिम दस्तावेज इलेक्शन कमीशन में जमा करने होंगे। इसके बाद ही 3 महीने की आधिकारिक टाइमलाइन शुरू होगी।
कानूनी प्रावधान
यह कार्यवाही 'Election Symbols (Reservation and Allotment) Order, 1968' के पैराग्राफ 15 के तहत की जा रही है। गौरतलब है कि इससे पहले इलेक्शन कमीशन ने अंतरिम व्यवस्था के तौर पर दोनों गुटों को पार्टी का नाम और सिंबल इस्तेमाल करने से रोक दिया था, जिसके बाद अब कोर्ट ने इस पर अंतिम फैसला लेने का दबाव बनाया है।
