नेताजी सुभाष चंद्र बोस की राख भारत लाने पर SC का केंद्र को नोटिस, बेटी की अर्ज़ी पर मांगा जवाब

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AuthorNeha Patil|Published at:
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की राख भारत लाने पर SC का केंद्र को नोटिस, बेटी की अर्ज़ी पर मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की राख को टोक्यो के रेंकोजी मंदिर से वापस भारत लाने की अर्ज़ी पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। यह अर्ज़ी नेताजी की बेटी अनिता बी. फाफ ने दायर की है। यह मामला कानूनी और ऐतिहासिक है और इसका शेयर बाज़ार या किसी सूचीबद्ध कंपनी से कोई लेना-देना नहीं है।

नेताजी की राख की वापसी पर सुप्रीम कोर्ट का अहम कदम

सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की राख को भारत वापस लाने की संभावनाओं को लेकर कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है। चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया सूर्य कांत की अगुवाई वाली बेंच, जिसमें जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहन भी शामिल थे, ने मंगलवार को केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर इस मामले में जवाब मांगा है।

बेटी की अर्ज़ी पर कोर्ट का संज्ञान

यह अर्ज़ी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की बेटी अनिता बी. फाफ ने दायर की है। अपनी अर्ज़ी में, वह चाहती हैं कि कोर्ट दखल दे और उनके पिता के अवशेषों को वापस लाने में मदद करे, जो फिलहाल टोक्यो, जापान के रेंकोजी मंदिर में रखे हुए हैं। यह अर्ज़ी अगस्त 1945 में नेताजी के गायब होने के पीछे की ऐतिहासिक परिस्थितियों पर एक बार फिर ध्यान आकर्षित करती है।

पिछली अर्ज़ी पर कोर्ट का फैसला

यह कानूनी कदम इसी साल नेताजी के पर-भतीजे आशीष रे द्वारा इसी तरह का आदेश हासिल करने के पिछले प्रयास के बाद आया है। तब सुप्रीम कोर्ट ने उस अर्ज़ी पर विचार करने से मना कर दिया था, यह कहते हुए कि ऐसे संवेदनशील अनुरोध के लिए सीधे तौर पर कोई वारिस ही कोर्ट का दरवाजा खटखटाए तो बेहतर होगा। अब अनिता बी. फाफ की अर्ज़ी के साथ, कोर्ट ने इस मुद्दे पर सरकार का रुख जानने की प्रक्रिया शुरू की है।

निवेशकों के लिए अहम जानकारी

निवेशकों के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि यह मामला एक सामाजिक-राजनीतिक और ऐतिहासिक मुद्दा है जिसमें केंद्र सरकार और दिवंगत नेता के परिवार का संबंध है। इस कार्यवाही का वित्तीय बाज़ारों, शेयर प्रदर्शन या किसी भी सूचीबद्ध कॉर्पोरेट इकाई के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। नतीजतन, इसका सेक्टर इंडेक्स या निवेश पोर्टफोलियो पर कोई प्रभाव नहीं है।

अगली सुनवाई और अपडेट

इस मामले की अगली सुनवाई 28 सितंबर 2026 को निर्धारित है। अगली बड़ी जानकारी केंद्र सरकार का जवाब और अवशेषों की वापसी की व्यवहार्यता और कानूनी रास्तों पर अदालत की अगली टिप्पणियां होंगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.