Supreme Court का बड़ा फैसला: Stem Cell थेरेपी और Wetland मैपिंग पर सख्त गाइडलाइन्स

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Supreme Court का बड़ा फैसला: Stem Cell थेरेपी और Wetland मैपिंग पर सख्त गाइडलाइन्स

सुप्रीम कोर्ट ने स्वास्थ्य मंत्रालय को ऑटिज्म के लिए Stem Cell उपचार पर **6 हफ्ते** के भीतर नियम बनाने का आदेश दिया है। वहीं, राज्यों को वेटलैंड (आर्द्रभूमि) की मैपिंग का काम **4 महीने** में पूरा करना होगा, जिसका सीधा असर हेल्थकेयर और रियल एस्टेट सेक्टर पर पड़ेगा।

हेल्थकेयर सेक्टर पर नई सख्ती

जस्टिस जे बी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने स्वास्थ्य मंत्रालय को ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर के लिए स्टेम सेल इंटरवेंशन पर एक औपचारिक रेगुलेटरी फ्रेमवर्क 6 हफ्ते के भीतर तैयार करने का कड़ा निर्देश दिया है। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि जब तक गाइडलाइन्स नहीं आतीं, तब तक अनधिकृत क्लिनिकल ट्रायल के बाहर नए मरीजों का नामांकन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यह कदम उन अस्पतालों और क्लीनिकों के लिए बड़ा झटका है जो बिना पुख्ता प्रमाण के प्रायोगिक उपचार को क्लिनिकल सर्विस के तौर पर बेच रहे थे।

रियल एस्टेट और इंफ्रा के लिए चुनौती

कोर्ट ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर राज्यों पर दबाव बढ़ाते हुए वेटलैंड्स (Wetlands) की मैपिंग में तेजी लाने को कहा है। देश भर में 5.55 लाख से ज्यादा छोटे जल निकायों की पहचान का काम पेंडिंग है। कोर्ट ने राज्यों को इसे पूरा करने के लिए 4 महीने की समय सीमा दी है।

यह निर्देश रियल एस्टेट और इंफ्रा कंपनियों के लिए अहम है। यदि किसी कंपनी के प्रोजेक्ट की जमीन मैपिंग के दौरान संरक्षित वेटलैंड के दायरे में आती है, तो निर्माण कार्य में देरी या कानूनी बाधाएं आ सकती हैं। प्रोजेक्ट्स की फिजिबिलिटी और लैंड एक्विजिशन के दौरान अब कंपनियों को इन पर्यावरणीय नियमों का ज्यादा बारीकी से पालन करना होगा।

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