Supreme Court और NGT का कड़ा रुख: बंधुआ मजदूरी पर नए नियम और अवैध खनन पर लगाम

LAWCOURT
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Supreme Court और NGT का कड़ा रुख: बंधुआ मजदूरी पर नए नियम और अवैध खनन पर लगाम

Supreme Court ने बंधुआ मजदूरी के मामलों में रेस्क्यू के लिए **24 घंटे** में वेरिफिकेशन और **7 दिन** के भीतर वित्तीय सहायता देने का अनिवार्य आदेश जारी किया है। वहीं, NGT ने अरुणाचल प्रदेश की बोरुम नदी के पास अवैध अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं।

बंधुआ मजदूरी: रेस्क्यू और राहत के लिए तय हुई डेडलाइन

सुप्रीम कोर्ट ने बंधुआ मजदूरी के मामलों में सरकारी सुस्ती को खत्म करने के लिए बड़ा आदेश दिया है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की बेंच ने स्पष्ट किया है कि शिकायतों का वेरिफिकेशन और रिलीज सर्टिफिकेट जारी करने का काम 24 घंटे के भीतर पूरा होना चाहिए। इसके अलावा, पुनर्वास (rehabilitation) के लिए फंड का वितरण सर्टिफिकेट जारी होने के 7 दिन के अंदर करना अनिवार्य होगा। कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को 6 महीने का समय दिया है ताकि वे नई SOP (Standard Operating Procedure) तैयार कर सकें।

निवेशकों के नजरिए से यह बेहद अहम है क्योंकि अब सप्लाई चेन में 'फोर्स्ड लेबर' (forced labour) को लेकर सख्ती बढ़ सकती है। जो कंपनियां अपने लेबर मैनेजमेंट में कमजोर हैं, उन्हें अब भारी ऑपरेशनल और रिप्यूटेशनल रिस्क का सामना करना पड़ सकता है।

पर्यावरण पर NGT की सख्ती

अरुणाचल प्रदेश में पर्यावरण नियमों के उल्लंघन पर NGT ने कड़ा रुख अपनाया है। ट्रिब्यूनल ने बोरुम नदी के किनारे किए गए अवैध अतिक्रमणों को हटाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, माइनिंग सेक्टर के लिए नियमों को और अधिक कड़ा कर दिया गया है।

अब अरुणाचल में माइनिंग ऑपरेशंस शुरू करने के लिए सभी जरूरी पर्यावरणीय मंजूरी और पल्यूशन कंट्रोल परमिट लेना अनिवार्य होगा। साथ ही, सभी जिलों के लिए डिस्ट्रिक्ट सर्वे रिपोर्ट (DSR) जमा करना जरूरी कर दिया गया है। यह नया लाइसेंसिंग माहौल उन कंस्ट्रक्शन और माइनिंग कंपनियों के लिए चुनौती साबित हो सकता है जो पहले से इस रीजन में काम कर रही हैं। इन नियमों के चलते प्रोजेक्ट्स में देरी और कंप्लायंस कॉस्ट में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.