RG Kar Case: सुप्रीम कोर्ट से Sandip Ghosh को मिली जमानत, परिवार और डॉक्टरों में भारी नाराजगी

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
RG Kar Case: सुप्रीम कोर्ट से Sandip Ghosh को मिली जमानत, परिवार और डॉक्टरों में भारी नाराजगी

सुप्रीम कोर्ट ने भ्रष्टाचार के एक मामले में RG Kar Medical College के पूर्व प्रिंसिपल Sandip Ghosh को जमानत दे दी है। इस फैसले के बाद पीड़िता के परिवार और डॉक्टर्स की तरफ से कड़ा विरोध जताया गया है, साथ ही CBI की जांच की सुस्त रफ्तार पर भी सवाल उठे हैं।

भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे RG Kar Medical College के पूर्व प्रिंसिपल Sandip Ghosh को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। कोर्ट का यह फैसला आने के बाद से ही तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। खासकर पीड़िता के परिवार ने जांच एजेंसी CBI की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अगस्त 2024 की घटनाओं से जुड़े इस मामले में जांच को लेकर लोगों का भरोसा डगमगाता दिख रहा है।

पीड़िता के पिता ने एजेंसी की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करते हुए देरी और प्रक्रियागत खामियों को जिम्मेदार ठहराया है। मेडिकल बिरादरी भी इस असंतोष में उनके साथ खड़ी है। विरोध कर रहे डॉक्टर्स का प्रतिनिधित्व कर रहे डॉ. उत्पल बंद्योपाध्याय ने जांच एजेंसी से कार्यवाही की स्पष्ट समयसीमा की मांग की है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो सालों में 147 लोगों को गवाह के तौर पर चिन्हित किया गया था, लेकिन इनमें से बहुत कम लोगों से ही अब तक पूछताछ की गई है।

जमानत तक पहुंचने का कानूनी सफर काफी जटिल रहा, जिसमें कलकत्ता हाईकोर्ट और निचली अदालतों में कई असफल प्रयास किए गए थे। कानूनी जानकारों का मानना है कि जांच एजेंसी द्वारा 90 दिनों की अनिवार्य अवधि के भीतर चार्जशीट दाखिल न कर पाना इस जमानत का मुख्य आधार बना।

अब कार्यकर्ता और परिजन इस मामले को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में स्थानांतरित करने की मांग कर रहे हैं ताकि संस्थागत भ्रष्टाचार और दबाव के आरोपों पर जल्द सुनवाई हो सके। अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या जांच एजेंसी अपनी कार्यवाही में तेजी लाकर जनता और अदालती सवालों का जवाब दे पाएगी।

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