Income Tax: Punjab HC का बड़ा फैसला, Section 147A को बताया असंवैधानिक

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Income Tax: Punjab HC का बड़ा फैसला, Section 147A को बताया असंवैधानिक

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने Income Tax Act की धारा 147A को असंवैधानिक करार दिया है। इस फैसले से करीब **2 लाख** टैक्सपेयर्स को राहत मिली है, जिन्हें गलत तरीके से री-असेसमेंट नोटिस भेजे गए थे।

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने Income Tax Act, 1961 की धारा 147A को रद्द कर टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत दी है। फाइनेंस एक्ट 2026 के जरिए लाए गए इस प्रावधान का उद्देश्य उन री-असेसमेंट नोटिसों को वैध बनाना था, जो 'फेसलेस असेसमेंट' (Faceless Assessment) प्रक्रिया का पालन किए बिना लोकल असेसिंग ऑफिसर्स द्वारा जारी किए गए थे।

क्या था पूरा विवाद?

कानून के तहत धारा 151A में फेसलेस असेसमेंट अनिवार्य है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और मामले रैंडम तरीके से आवंटित हों। सरकार ने इस प्रक्रिया को दरकिनार करते हुए लोकल ऑफिसर्स के जरिए नोटिस भेजे थे और बाद में इसे सही ठहराने के लिए धारा 147A को रेट्रोस्पेक्टिव (पिछली तारीख से) रूप में पेश किया था।

कोर्ट ने क्या कहा?

जस्टिस दीपक सिबल और जस्टिस रूपिंदरजीत चहल की बेंच ने स्पष्ट किया कि विधायिका रेट्रोस्पेक्टिव संशोधन का उपयोग मौजूदा कानूनी जरूरतों को नजरअंदाज करने के लिए नहीं कर सकती। कोर्ट ने माना कि सरकार ने प्रक्रियात्मक कमी को दूर नहीं किया, जिससे संविधान के 'सेपरेशन ऑफ पावर्स' सिद्धांत का उल्लंघन हुआ है।

टैक्सपेयर्स पर असर

यह फैसला उन 2 लाख टैक्सपेयर्स के लिए संजीवनी है, जिन्हें 1 अप्रैल 2021 के बाद नोटिस मिले थे। हालांकि, यह सभी पेंडिंग केसों को ऑटोमैटिकली रद्द नहीं करता। अब सबकी निगाहें इस पर हैं कि क्या सरकार सुप्रीम कोर्ट में अपील करेगी या कानून में कोई नया बदलाव लाएगी। फिलहाल, टैक्सपेयर्स को सलाह है कि वे अपने नोटिस की स्थिति पर टैक्स एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें।

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