पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के चीफ सेक्रेटरी KAP Sinha को अवमानना नोटिस जारी किया है। मामला कर्मचारियों के ₹14,191 करोड़ के बकाया DA एरियर से जुड़ा है, जिसमें सरकार पर कोर्ट को गुमराह करने का आरोप है।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी\n\nपंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस Ashwani Kumar Mishra और जस्टिस Rohit Kapoor की बेंच ने इसे बेहद गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि राज्य प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी अपील की स्थिति को लेकर कोर्ट के साथ 'लुका-छिपी' (hide and seek) का खेल खेला है।\n\n### क्या है विवाद की जड़?\n\nराज्य सरकार पर अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का कुल ₹14,191 करोड़ का डियरनेस अलाउंस (DA) और डियरनेस रिलीफ बकाया है। इस पर 3 अगस्त, 2026 को हाईकोर्ट ने सख्त आदेश देते हुए भुगतान करने को कहा था। तब तक के लिए सरकार के विज्ञापन जैसे गैर-जरूरी खर्चों पर भी रोक लगा दी गई थी।\n\n### हलफनामे में पकड़ी गई गड़बड़ी\n\nविवाद तब बढ़ गया जब चीफ सेक्रेटरी द्वारा दाखिल हलफनामे में दावा किया गया कि सुप्रीम कोर्ट में अपील की तकनीकी खामियों को दूर कर लिया गया है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री की रिपोर्ट ने इस दावे को पूरी तरह गलत साबित कर दिया, जिससे पता चला कि याचिका अभी भी दोषपूर्ण है।\n\n### अब आगे क्या?\n\nइस प्रशासनिक और कानूनी खींचतान का असर पंजाब की वित्तीय स्थिति पर भी पड़ रहा है, जिसे लेकर बिजनेस जगत में चिंता बनी हुई है। चीफ सेक्रेटरी KAP Sinha को अब 9 अक्टूबर, 2026 को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होकर अपना पक्ष रखना होगा। उनकी सफाई ही तय करेगी कि क्या उन पर आपराधिक अवमानना (Criminal Contempt) की कार्रवाई आगे बढ़ेगी या नहीं।