Revanth Reddy Case: PMLA ट्रिब्यूनल से बड़ी राहत, **₹50 लाख** की संपत्ति अटैचमेंट का आदेश रद्द

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Revanth Reddy Case: PMLA ट्रिब्यूनल से बड़ी राहत, **₹50 लाख** की संपत्ति अटैचमेंट का आदेश रद्द

तेलंगाना के मुख्यमंत्री A. Revanth Reddy को 2015 के 'कैश-फॉर-वोट' केस में कानूनी राहत मिली है। PMLA अपीलीय ट्रिब्यूनल ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के **₹50 लाख** की संपत्ति को अटैच करने के आदेश को खारिज कर दिया है।

कानूनी राहत की वजह

न्यायमूर्ति मुनीश्वर नाथ भंडारी की अध्यक्षता वाली बेंच ने यह फैसला सुनाया है। ट्रिब्यूनल ने पाया कि ₹50 लाख की राशि पहले से ही तेलंगाना एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) की कस्टडी में है और ट्रायल कोर्ट के पास जमा है। ऐसे में ED द्वारा दोबारा उसी संपत्ति को अटैच करने का आदेश 'निरर्थक' (Redundant) था। ट्रिब्यूनल के अनुसार, PMLA का मुख्य उद्देश्य संपत्ति को डिस्पोजल से बचाना है, जो पहले ही ACB की कार्रवाई से पूरा हो रहा है।

क्या खत्म हो गया केस?

साफ करना जरूरी है कि यह आदेश केवल 'एसेट अटैचमेंट' की तकनीकी प्रक्रिया तक सीमित है। इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि मुख्यमंत्री या अन्य आरोपी—जिनमें Vem Krishna Keerthan, Rudra Sivakumar Uday Simha और Bishop Harry Sebastian शामिल हैं—इस मामले से बरी हो गए हैं। 2015 का मुख्य आपराधिक मुकदमा (Criminal Trial) अपनी जगह जारी रहेगा।

मार्केट और गवर्नेंस पर असर

निवेशकों और बाजार के जानकारों के लिए, राज्य के शीर्ष नेतृत्व से जुड़े कानूनी घटनाक्रम हमेशा महत्वपूर्ण होते हैं। हालांकि यह फैसला मुख्यमंत्री के लिए एक प्रक्रियात्मक जीत है, लेकिन मुख्य भ्रष्टाचार मामले का ट्रायल लोअर कोर्ट में चलना जारी रहेगा। निवेशकों के लिए फिलहाल इस केस की आगे की अपडेट पर नजर बनाए रखना जरूरी है क्योंकि इसका सीधा असर प्रशासनिक स्थिरता से जुड़ा हो सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.