नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने दिल्ली की अदालत को बताया है कि तिहाड़ जेल में बंद **7** विदेशी नागरिक म्यांमार में हुए एक ड्रोन हमले में शामिल थे। इनमें एक अमेरिकी नागरिक भी शामिल है, जिस पर टूरिस्ट वीजा पर भारत आकर विद्रोही समूहों को ड्रोन ट्रेनिंग देने का आरोप है।
अवैध गतिविधियों का जाल
जांच एजेंसियों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए लोगों में अमेरिकी नागरिक Matthew Aaron VanDyke और यूक्रेन के Viktor Kaminskyi जैसे लोग शामिल हैं। ये सभी लोग पहले गुवाहाटी पहुंचे और फिर मिजोरम के रास्ते म्यांमार की सीमा में दाखिल हुए। इनका मुख्य मकसद वहां के विद्रोही समूहों को ड्रोन असेंबली, जैमिंग टेक्नोलॉजी और मिलिट्री-ग्रेड ऑपरेशंस की ट्रेनिंग देना था।
डिजिटल सबूतों का पिटारा
NIA ने कोलकाता, लखनऊ और नई दिल्ली में छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में डिजिटल सबूत बरामद किए हैं। इनमें ऐसे वीडियो और तस्वीरें मिली हैं, जिनसे यह साबित होता है कि इन विदेशी नागरिकों ने ड्रोन वॉरफेयर में ट्रेनिंग दी थी। 31 अगस्त, 2026 को दिल्ली की एक अदालत ने NIA को इन आरोपियों से कस्टोडियल पूछताछ करने की अनुमति दे दी है।
UAPA के तहत कार्रवाई
NIA ने इन सभी पर Unlawful Activities Prevention Act (UAPA) के तहत गंभीर आरोप दर्ज किए हैं। एजेंसी का मानना है कि भारत की संप्रभुता और सुरक्षा के लिहाज से यह बेहद संवेदनशील मामला है। फिलहाल, कोर्ट ने जांच एजेंसी को पूरी छूट दी है ताकि वे इस नेटवर्क के पीछे के मास्टरमाइंड और भारत में मौजूद उनके मददगारों का पता लगा सकें। यह मामला अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और भारत की सीमाओं की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी चिंता के रूप में देखा जा रहा है।
