Hafiz Saeed: NIA कोर्ट का कड़ा एक्शन, दो महीने में जारी हुआ दूसरा गैर-जमानती वारंट

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Hafiz Saeed: NIA कोर्ट का कड़ा एक्शन, दो महीने में जारी हुआ दूसरा गैर-जमानती वारंट

जम्मू की स्पेशल NIA कोर्ट ने लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद के खिलाफ दो महीने के भीतर दूसरा गैर-जमानती वारंट जारी किया है। यह कार्रवाई भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत की गई है, जो सीमा पार से हो रही आतंकी फंडिंग को रोकने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

कानूनी शिकंजा और प्रक्रिया

जम्मू स्थित स्पेशल NIA कोर्ट के जज प्रेम सागर ने 8 सितंबर, 2026 को यह आदेश जारी किया। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 75 के तहत यह कानूनी कार्रवाई पाकिस्तान में छिपे बैठे हाफिज सईद को भारत की न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में लाने की एक औपचारिक कोशिश है। वह भारत में आतंकवाद से जुड़े कई मामलों में मुख्य आरोपी है और फरार घोषित है।

जांच का आधार

यह पूरा मामला इस साल की शुरुआत में पंदाच इलाके से मोहम्मद नकीब भट की गिरफ्तारी के बाद शुरू हुआ। सुरक्षा एजेंसियों को तलाशी के दौरान चीन निर्मित ग्रेनेड और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद हुआ था। गिरफ्तार किए गए पाकिस्तानी नागरिकों से हुई पूछताछ में यह साफ हुआ कि कश्मीर घाटी में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को फंड, हथियार और ऑपरेशनल निर्देश सीधे सईद की ओर से मिल रहे थे।

पिछले घटनाक्रम

इससे पहले 8 जुलाई, 2026 को भी इसी अदालत ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले के मामले में सईद के खिलाफ एक गैर-जमानती वारंट जारी किया था। लगातार जारी हो रहे ये वारंट कोर्ट के रिकॉर्ड में यह मजबूती से दर्ज कर रहे हैं कि आरोपी न केवल आतंकी गतिविधियों में संलिप्त है, बल्कि भारतीय कानून से जानबूझकर बच रहा है।

निवेशकों के नजरिए से देखें तो क्षेत्र में स्थिरता आर्थिक विकास के लिए बेहद जरूरी है। भारत सरकार की ओर से उठाया गया यह कदम सीमा पार से मिलने वाली सुरक्षा चुनौतियों को खत्म करने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.