नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने अमेरिकी नागरिक Matthew Aaron VanDyke और उनके **6** यूक्रेनी सहयोगियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इन पर मिजोरम-म्यांमार बॉर्डर के पास प्रतिबंधित इलाकों में घुसपैठ और ड्रोन ट्रेनिंग देने के गंभीर आरोप हैं।
कानूनी शिकंजा और आरोप
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में मंगलवार को NIA ने औपचारिक चार्जशीट दाखिल कर दी है। मार्च 2026 में विभिन्न हवाई अड्डों पर हिरासत में लिए गए इस ग्रुप पर 7 महीने तक चली जांच के बाद यह बड़ी कार्रवाई की गई है। फिलहाल, यह चार्जशीट इमिग्रेशन और फॉरेनर्स एक्ट की धारा 21 और 23 के तहत दायर की गई है, जो अवैध प्रवेश और प्रतिबंधित क्षेत्रों में अनाधिकृत मूवमेंट से जुड़ी है।
क्या है पूरा मामला?
जांच एजेंसियों का आरोप है कि आरोपियों ने वैध वीजा पर भारत में प्रवेश तो किया, लेकिन बिना जरूरी परमिट के मिजोरम के संवेदनशील इलाकों तक पहुंच बनाई। इसके बाद, उन्होंने म्यांमार सीमा पार कर वहां के सशस्त्र समूहों को ड्रोन वॉरफेयर की ट्रेनिंग दी।
जांच का भविष्य
हालांकि मौजूदा चार्जशीट इमिग्रेशन नियमों के उल्लंघन पर केंद्रित है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसे एक रणनीतिक कदम मान रही हैं। NIA ने साफ किया है कि UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) से जुड़े गंभीर अपराधों की जांच अभी भी लंबित है। इसका मतलब है कि भविष्य में उन पर आतंकवाद से जुड़े गंभीर आरोप भी लग सकते हैं। कोर्ट ने VanDyke और उनके एक सहयोगी को न्यायिक हिरासत में रखकर पूछताछ जारी रखने की अनुमति भी दे दी है। पूर्वोत्तर में सुरक्षा की स्थिति और बॉर्डर पर विदेशी नागरिकों की संदिग्ध गतिविधियों पर निवेशकों और बाजार जानकारों की पैनी नजर बनी हुई है।
