सुपरटेक के 16 अटके हुए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को पुनर्जीवित करने में NBCC की सुस्ती पर NCLAT ने नाराजगी जताई है। ट्रिब्यूनल ने अगले **7** दिनों के भीतर अंतरिम रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (IRP) नियुक्त करने का आदेश दिया है।
काम में देरी का मामला
नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) ने NBCC के काम पर असंतोष जताया है। ट्रिब्यूनल ने कहा है कि कंपनी 31 जुलाई 2026 की तय डेडलाइन तक कई महत्वपूर्ण लक्ष्यों को पूरा करने में विफल रही है। इसमें जरूरी वैधानिक मंजूरियां हासिल करना, प्रोजेक्ट का ड्यू डिलिजेंस पूरा करना और निर्माण कार्यों के लिए टेंडर जारी करना शामिल था।
क्यों रुका है काम?
प्रोजेक्ट कमेटियों के कानूनी प्रतिनिधियों का कहना है कि मुख्य समस्या डेटा कोऑर्डिनेशन की है। सुपरटेक का पूर्व मैनेजमेंट अभी तक जरूरी दस्तावेज नहीं सौंप रहा है, जिसके कारण NBCC प्रोजेक्ट शेड्यूल फाइनल नहीं कर पा रही है। अब ट्रिब्यूनल ने निर्देश दिए हैं कि 25 सितंबर 2026 को होने वाली अगली सुनवाई से पहले एक पूरी लिस्ट तैयार की जाए ताकि इस गतिरोध को खत्म किया जा सके।
निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?
NBCC के लिए ये चुनौतियां इसके कोर बिजनेस और फीस रिकग्निशन पर असर डाल सकती हैं। फिलहाल कंपनी 20 सितंबर 2026 को अपनी मीटिंग में संशोधित निर्माण शेड्यूल तैयार करने की तैयारी में है। निवेशकों के लिए अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या कंपनी इन डॉक्यूमेंटेशन की बाधाओं को जल्द सुलझा पाती है या यह मामला और लंबा खिंचेगा।
