Mumbai Crime Branch हाल ही में हुई एक फायरिंग की जांच के सिलसिले में Lawrence Bishnoi से पूछताछ करना चाहती है, जो अभी साबरमती सेंट्रल जेल में बंद है। हालांकि, केंद्रीय गृह मंत्रालय के Section 268 के आदेश के कारण कैदी को कहीं भी ले जाने पर रोक लगी हुई है, जिससे पुलिस के लिए चुनौतियां बढ़ गई हैं।
शूटिंग मामले में मुंबई पुलिस की जांच की सुई अब साबरमती सेंट्रल जेल में बंद Lawrence Bishnoi की ओर घूम गई है। पुलिस इस हाई-प्रोफाइल मामले में पूछताछ के लिए काफी उत्सुक है, लेकिन प्रशासनिक और कानूनी बाधाएं उनके रास्ते का रोड़ा बनी हुई हैं।\n\n### कानूनी पेच क्या है?\n\nLawrence Bishnoi फिलहाल गुजरात की साबरमती जेल में बंद है, जहां उस पर केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) का सख्त पहरा है। अगस्त 2023 से लागू Section 268 (CrPC) के तहत इस कैदी की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध है। यह निर्देश सुरक्षा कारणों से दिया गया है, ताकि उसे दूसरी अदालतों या राज्यों में ले जाते समय किसी अप्रिय घटना या सुरक्षा जोखिम से बचा जा सके।\n\n### NIA कोर्ट की अनुमति की दरकार\n\nअगर मुंबई पुलिस को उसे हिरासत में लेकर पूछताछ करनी है, तो उन्हें एक लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना होगा। इसके लिए उन्हें NIA कोर्ट में आवेदन देकर विशेष अनुमति हासिल करनी होगी। यह प्रक्रिया काफी जटिल है और इसमें लंबा समय लग सकता है।\n\n### जांच का अगला कदम\n\nफिलहाल पुलिस यह आंकलन कर रही है कि क्या पूछताछ के लिए इतना लंबा कानूनी रास्ता अपनाना सही रहेगा या वे उपलब्ध सबूतों के आधार पर ही मामला आगे बढ़ाएंगे। फिलहाल, जांच टीम राजस्थान में हिरासत में लिए गए अन्य लोगों के बयानों और फॉरेंसिक सबूतों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या मुंबई पुलिस आधिकारिक चैनलों के जरिए अनुमति हासिल करने का जोखिम उठाती है या दूसरे विकल्पों पर काम करती है।
