Meta Platforms Inc. एक बड़े कानूनी मुकदमे का सामना कर रही है। कैलिफोर्निया में चल रहे इस ट्रायल में चार अमेरिकी राज्य कंपनी पर **$1.4 ट्रिलियन** (लगभग ₹113 लाख करोड़) तक का जुर्माना लगाने की मांग कर रहे हैं। आरोप है कि Meta के प्लेटफॉर्म्स, जैसे Instagram और Facebook, को जानबूझकर नशा दिलाने वाला बनाया गया है।
क्या है पूरा मामला?
यह हाई-प्रोफाइल कानूनी लड़ाई ओकलैंड, कैलिफोर्निया में शुरू हो गई है। जूरी का चुनाव इस हफ्ते हो रहा है और ओपनिंग स्टेटमेंट्स 18 अगस्त, 2026 को तय हैं। इस मामले में कैलिफोर्निया, कोलोराडो, केंटकी और न्यू जर्सी के अटॉर्नी जनरल शामिल हैं।
मुख्य मुद्दा भारी-भरकम वित्तीय दावा है। वादी राज्यों ने $1.4 ट्रिलियन तक का संभावित जुर्माना लगाया है। यह राशि इसलिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि यह Meta के मौजूदा मार्केट कैपिटलाइजेशन $1.5 ट्रिलियन के लगभग बराबर है। Meta का कहना है कि यह गणना पूरी तरह से काल्पनिक है और कानूनी या तथ्यात्मक आधार पर टिकती नहीं है।
बिजनेस मॉडल पर क्या होगा असर?
निवेशकों के लिए खतरा सिर्फ जुर्माने तक सीमित नहीं है। राज्य सिर्फ पैसे नहीं मांग रहे, बल्कि प्लेटफॉर्म के कामकाज पर बड़े प्रतिबंध लगाने की भी मांग कर रहे हैं। इस केस में खास तौर पर इनफिनिट स्क्रॉलिंग, अत्यधिक नोटिफिकेशन्स और लाइक काउंट जैसी डिज़ाइन फीचर्स को चुनौती दी गई है। अगर कोर्ट इन फीचर्स में बड़े बदलाव का आदेश देता है, तो प्लेटफॉर्म पर यूजर एंगेजमेंट का समय कम हो सकता है। चूंकि Meta का रेवेन्यू मॉडल इन ऐप्स पर बिताए जाने वाले समय के दौरान दिखाए जाने वाले विज्ञापनों पर निर्भर करता है, इसलिए एंगेजमेंट में किसी भी तरह की कमी से कंपनी की एड रेवेन्यू जेनरेट करने की क्षमता पर दबाव आ सकता है।
कानूनी दबाव का बढ़ना
यह ट्रायल बढ़ते कानूनी मामलों की कड़ी में नवीनतम है। हाल ही में, 6 अगस्त, 2026 को, न्यू मैक्सिको की एक अदालत ने Meta को प्लेटफॉर्म सुरक्षा और किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी खामियों के लिए $567 मिलियन का भुगतान करने का आदेश दिया था। ये लगातार मामले अमेरिका में प्रमुख टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म्स के सामने बढ़ती नियामक और न्यायिक जांच का पैटर्न दिखाते हैं।
Meta अपनी डिफेंस स्ट्रेटेजी में यह तर्क दे रही है कि मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे इंडस्ट्री-व्यापी समस्याएं हैं, न कि केवल उसके प्लेटफॉर्म्स की। कंपनी यह भी मानती है कि उसके डिज़ाइन विकल्प फ्री स्पीच कानूनों के तहत संरक्षित हैं। इसके अलावा, Meta लगातार ऑनलाइन किशोरों की सुरक्षा के लिए टूल्स और कंट्रोल प्रदान करने के अपने प्रयासों पर जोर देती रही है।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
हालांकि बाजार ने पहले भी इस तरह की कानूनी चुनौतियों को देखा है, लेकिन जुर्माने की यह मांग काफी बड़ी है। अंतिम परिणाम जूरी के इस निष्कर्ष पर निर्भर करेगा कि कंपनी प्लेटफॉर्म डिज़ाइन के लिए कितनी जिम्मेदार है। निवेशक मुकदमे की कार्यवाही, संभावित कोर्ट-आदेशित परिचालन बदलावों और अमेरिका भर में 40 से अधिक राज्यों और कई स्कूल जिलों से जुड़े व्यापक मुकदमे में किसी भी और विकास पर नजर रख सकते हैं।
