CBI ने Mahadev Online Book के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को ओमान से सफलतापूर्वक भारत प्रत्यर्पित कर दिया है। यह कदम अवैध सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच में एक बड़ा मोड़ है, जिसकी आंच भारतीय शेयर बाजार तक भी पहुंच सकती है।
ओमान से भारत लाया गया मास्टरमाइंड
Central Bureau of Investigation (CBI) ने Mahadev Online Book के मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के बाद हिरासत में लिए गए चंद्राकर को सोमवार को रायपुर की CBI स्पेशल कोर्ट में पेश किया जाएगा। यह कार्रवाई इस अवैध सट्टेबाजी सिंडिकेट के खिलाफ चल रही वर्षों पुरानी जांच का एक बड़ा पड़ाव है।
मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला का जाल
इस मामले में Enforcement Directorate (ED) भी लगातार सक्रिय है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि यह सिंडिकेट फ्रैंचाइज़ी मॉडल पर चल रहा था और अवैध कमाई को 'म्यूल' बैंक खातों के जरिए ठिकाने लगाया जा रहा था। इन पैसों को हवाला के जरिए विदेशों में भेजा गया और सरकारी अधिकारियों को प्रभावित करने के लिए भी इस्तेमाल किया गया।
शेयर बाजार पर क्या होगा असर?
भले ही Mahadev App कोई लिस्टेड कंपनी नहीं है, लेकिन भारतीय शेयर बाजार के लिए यह जांच बहुत महत्वपूर्ण है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि इस अवैध नेटवर्क का पैसा कुछ स्मॉल और मिड-कैप शेयरों में लगाया गया था। ED पहले भी इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की संपत्तियों और शेयरों को जब्त कर चुकी है, जिन पर स्टॉक प्राइस मैनिपुलेशन के आरोप लगे थे।
बाजार के जानकारों का मानना है कि इस तरह की जांच यह दर्शाती है कि नियामक संस्थाएं सार्वजनिक बाजारों में अवैध पूंजी की एंट्री को लेकर कितनी सतर्क हैं। अब निवेशकों की नजरें कोर्ट की अगली कार्यवाही और उन खुलासों पर होंगी, जो इस सिंडिकेट के वित्तीय नेटवर्क के बारे में और जानकारी दे सकते हैं।
