मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु के मंत्री आधव अर्जुन द्वारा दायर **₹1 करोड़** के मानहानि मुकदमे में DMK अध्यक्ष M.K. Stalin और उनकी पार्टी की IT विंग को नोटिस जारी किया है।
तमिलनाडु की सियासत में कानूनी हलचल तेज हो गई है। जस्टिस K. Govindarajan Thilakavadi की अदालत ने DMK प्रमुख M.K. Stalin और पार्टी की आईटी विंग को तलब किया है। यह पूरा मामला 8 जून, 2026 को DMK के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से किए गए एक पोस्ट से जुड़ा है।
मंत्री आधव अर्जुन का आरोप है कि पार्टी की आईटी विंग ने उन्हें एक ड्रग तस्करी के संदिग्ध से जोड़कर बदनाम करने की कोशिश की, जो पूरी तरह से गलत और दुर्भावनापूर्ण है। मंत्री का कहना है कि उन्होंने पहले ही चेन्नई पुलिस कमिश्नर को इस संबंध में शिकायत दी थी, लेकिन तथ्यों की पुष्टि किए बिना पार्टी ने यह पोस्ट जारी किया।
इस कानूनी लड़ाई के जरिए मंत्री ने न केवल ₹1 करोड़ का हर्जाना मांगा है, बल्कि कोर्ट से यह मांग भी की है कि पार्टी को ऐसी आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने से रोका जाए। इस मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर, 2026 को तय की गई है। हालांकि यह मामला पूरी तरह राजनीतिक है, लेकिन राज्य में चल रही इस उठापटक पर राजनीतिक विश्लेषकों की पैनी नजर बनी हुई है।
