LinkedIn को झटका: CEO और को-फाउंडर को कोर्ट में देनी होगी गवाही, एंटीट्रस्ट केस में बड़ी हलचल

LAWCOURT
Whalesbook Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
LinkedIn को झटका: CEO और को-फाउंडर को कोर्ट में देनी होगी गवाही, एंटीट्रस्ट केस में बड़ी हलचल

अमेरिकी कोर्ट ने LinkedIn के CEO Daniel Shapero और को-फाउंडर Reid Hoffman को एक पुराने एंटीट्रस्ट केस में गवाही देने का आदेश दिया है। यह मामला कंपनी पर मार्केट में 97% हिस्सेदारी का एकाधिकार बनाने और प्रीमियम सब्सक्रिप्शन के लिए ज्यादा कीमत वसूलने का आरोप लगाता है।

कोर्ट का बड़ा फैसला

एक अमेरिकी संघीय जज ने LinkedIn के वरिष्ठ अधिकारियों को एक क्लास-एक्शन एंटीट्रस्ट मुकदमे के तहत शपथ लेकर गवाही देने का आदेश दिया है। इस फैसले के अनुसार, मौजूदा CEO Daniel Shapero को चार घंटे और को-फाउंडर Reid Hoffman को तीन घंटे तक गवाही देनी होगी। यह 2022 के उस मुकदमे में एक अहम मोड़ है, जिसमें प्रोफेशनल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म पर अवैध एकाधिकार बनाए रखने का आरोप है।

मुकदमे का मुख्य आधार

इस मुकदमे का मुख्य आरोप यह है कि LinkedIn प्रोफेशनल सोशल मीडिया मार्केट के 97% हिस्से पर नियंत्रण रखती है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि इस दबदबे का इस्तेमाल कंपनी अपने प्रीमियम सब्सक्रिप्शन सेवाओं की कीमतें अत्यधिक बढ़ाने के लिए करती है। LinkedIn ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है और इन्हें बेबुनियाद बताया है। आपको बता दें कि Microsoft ने 2016 में LinkedIn को $26.2 बिलियन में खरीदा था, और यह आज भी टेक दिग्गज के प्रोफेशनल सर्विसेज पोर्टफोलियो का एक अहम हिस्सा है।

सेटलमेंट की कोशिशें नाकाम

यह केस कई सालों से चल रहा है, और इसे सुलझाने के लिए एक सेटलमेंट का प्रयास विफल रहा। दिसंबर 2025 में, अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज Haywood Gilliam Jr. ने एक प्रस्तावित डील को खारिज कर दिया था। जज ने कहा था कि इस डील से उपयोगकर्ताओं को कोई मौद्रिक मुआवजा नहीं मिल रहा था, और इसमें केवल प्लेटफॉर्म के आंतरिक व्यावसायिक अभ्यासों में समायोजन का अनुरोध किया गया था। सेटलमेंट ब्लॉक होने के कारण, अब यह मुकदमा डिस्कवरी चरण में चला गया है, जहाँ याचिकाकर्ताओं की दलीलों के लिए कार्यकारी पूछताछ को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

निवेशकों पर असर?

निवेशकों के नजरिए से, यह कानूनी चुनौती LinkedIn के संचालन पर लगातार जांच लाती है। हालाँकि Microsoft के स्टॉक की चाल फिलहाल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और Copilot जैसे उत्पादों में कंपनी के प्रदर्शन से अधिक प्रभावित है, लेकिन कोर्ट द्वारा सब्सक्रिप्शन या API प्रथाओं में कोई भी बदलाव संभावित रूप से इसके बिजनेस मॉडल को प्रभावित कर सकता है। कानूनी कार्यवाही जटिल है, और कोर्ट ने अभी यह तय नहीं किया है कि इस केस को औपचारिक क्लास एक्शन के रूप में प्रमाणित किया जाएगा या नहीं, जिससे संभावित प्रभाव का दायरा बढ़ सकता है।

आगे क्या?

हितधारकों के लिए अगला महत्वपूर्ण अपडेट इन डिपोजीशन (गवाही) की शेड्यूलिंग और इस पर बाद की सुनवाई होगी कि क्या मामला क्लास एक्शन के रूप में आगे बढ़ सकता है। निवेशक इन कोर्ट फाइलिंग पर नज़र रख सकते हैं ताकि यह समझ सकें कि क्या यह मुकदमा प्लेटफॉर्म की मूल्य निर्धारण शक्ति या उसकी दीर्घकालिक परिचालन लचीलेपन के लिए जोखिम पैदा करता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.