लाहौर पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट में पाकिस्तान के डिप्टी प्रधानमंत्री Ishaq Dar के पोते Muhammad Raza Dar को यौन उत्पीड़न के आरोपों से मुक्त कर दिया है। हालांकि, उन्हें अभी भी अवैध हिरासत और क्रिप्टोकरेंसी विवाद से जुड़े एक्सटॉर्शन के गंभीर मामलों का सामना करना पड़ रहा है।
लाहौर पुलिस ने स्थानीय कोर्ट में अपनी अंतरिम रिपोर्ट दाखिल की है, जिसमें पाकिस्तान के डिप्टी पीएम Ishaq Dar के पोते Muhammad Raza Dar को रेप के आरोपों से बरी कर दिया गया है। यह मामला 29 जून, 2026 की एक घटना से जुड़ा है, जिसमें नीदरलैंड और वेनेजुएला के दो विदेशी नागरिक बिजनेस के सिलसिले में पाकिस्तान आए थे।
पुलिस की जांच में रजा डार का नाम रेप के आरोपों से तो हट गया है, लेकिन उनके 3 कर्मचारियों को मुख्य आरोपी माना गया है। इन कर्मचारियों के खिलाफ जांच अब भी जारी है और मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
अभी भी हैं गंभीर कानूनी मुश्किलें
रेप केस से राहत मिलने के बावजूद रजा डार और उनके 4 साथियों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। उन पर एक असफल क्रिप्टोकरेंसी इन्वेस्टमेंट के चलते विदेशी नागरिकों को बंधक बनाने और उनसे $19,500 जबरन वसूलने के आरोप बरकरार हैं। यह विवाद कुल $500,000 से अधिक के निवेश से जुड़ा है।
पुलिस ने छापेमारी के दौरान एक गाड़ी, मोबाइल फोन और हथियार बरामद किए हैं, जिसके बाद उन पर 'आर्म्स ऑर्डिनेंस' के तहत भी केस दर्ज किया गया है। अब कोर्ट इस बात की समीक्षा कर रहा है कि बाकी बचे एक्सटॉर्शन और अवैध हिरासत के मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई क्या होगी। पीड़ित पक्ष अपना बयान दर्ज कराने के बाद अपने देश लौट चुका है, जिससे अब सारा दारोमदार कोर्ट की न्यायिक प्रक्रिया पर टिका है।
