किश्तवाड़ में **15** वर्षीय नाबालिग की मौत के मामले में जांच और तेज हो गई है। पुलिस ने डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल किश्तवाड़ की एक नर्स को गिरफ्तार किया है, जिसके बाद अब तक कुल **6** लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है।
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में 15 साल की नाबालिग की दुखद मौत के मामले में जांच एक अहम मोड़ पर पहुंच गई है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल किश्तवाड़ की एक नर्स को गिरफ्तार किया है, जिस पर इस मामले में मिलीभगत का आरोप है। 20 अगस्त को हुई इस घटना के बाद से यह छठी गिरफ्तारी है।
मामले की गंभीरता
यह पूरा मामला एक ट्राइबल किशोरी के यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों के इर्द-गिर्द घूम रहा है। जांच में सामने आया है कि एक स्कूल टीचर और उसके भाई ने कथित तौर पर अनधिकृत दवाओं के जरिए पीड़िता के गर्भ को गिराने की कोशिश की थी। चतरू (Chatroo) के हेल्थ सेंटर से किश्तवाड़ शिफ्ट किए जाने के बाद स्थिति बिगड़ गई और पीड़िता की मौत हो गई। अब SIT यह जांच कर रही है कि हॉस्पिटल के स्टाफ ने इस अपराध को छिपाने में क्या भूमिका निभाई।
कानूनी शिकंजा
इस मामले में कानून की सख्त धाराओं का इस्तेमाल किया जा रहा है। FIR में POCSO एक्ट, भारतीय न्याय संहिता (BNS) और SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम की गंभीर धाराएं जोड़ी गई हैं। SIT फिलहाल हॉस्पिटल के रिकॉर्ड्स खंगाल रही है और हिरासत में लिए गए सभी 6 लोगों से पूछताछ कर रही है, ताकि घटना की कड़ी से कड़ी जोड़ी जा सके। अधिकारियों का कहना है कि वे वैज्ञानिक सबूतों (Scientific Evidence) के आधार पर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
