केरल विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो ने CMRL-Exalogic रिश्वत मामले में पूर्व मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan और उनके परिजनों के खिलाफ दो FIR दर्ज की हैं। हाईकोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई इस जांच में **₹2.78 करोड़** के कथित धोखाधड़ी वाले लेनदेन की पड़ताल की जा रही है।
केरल विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो (VACB) ने 12 अक्टूबर 2026 को पूर्व मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan, उनकी बेटी Veena T और दामाद P.A. Mohammed Riyas के खिलाफ दो FIR दर्ज की हैं। यह कार्रवाई 9 अक्टूबर 2026 को केरल हाईकोर्ट द्वारा दिए गए उस आदेश के बाद हुई है, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रिपोर्ट के आधार पर जांच के निर्देश दिए गए थे।
मामले की जड़: CMRL और Exalogic
जांच का मुख्य केंद्र Cochin Minerals and Rutile Limited (CMRL) है। आरोप है कि इस कंपनी ने Veena T द्वारा संचालित और अब बंद हो चुकी फर्म Exalogic Solutions को लगभग ₹2.78 करोड़ का भुगतान किया। कंपनी ने इसे IT कंसल्टेंसी सर्विस के तौर पर दिखाया, लेकिन जांच एजेंसियों का दावा है कि ये लेनदेन संदिग्ध थे। वहीं, दूसरी FIR में P.A. Mohammed Riyas पर हवाला के जरिए विदेशों में अवैध पैसा भेजने के आरोप लगे हैं।
गवर्नेंस और कानूनी जोखिम
यह मामला अब 'प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट' (Prevention of Corruption Act) के दायरे में आ गया है। इस तरह की जांच अक्सर बैंक स्टेटमेंट, टैक्स फाइलिंग और कॉर्पोरेट गवर्नेंस प्रैक्टिस की कड़ी स्क्रूटनी की ओर ले जाती है, जिससे संबंधित कंपनियों के लिए भविष्य में अनिश्चितता बढ़ सकती है।
CPI(M) का रुख
Communist Party of India (Marxist) ने इन FIR को पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित बताया है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि संघीय एजेंसियों द्वारा पेश किए गए सबूत दबाव में जुटाए गए हैं और वे इस न्यायिक आदेश को ऊपरी अदालतों में चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं।
