केरल पब्लिक सर्विस कमीशन (PSC) भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर क्राइम ब्रांच की जांच के घेरे में आ गया है। यह जांच 2020 से आयोजित परीक्षाओं पर केंद्रित है, और डिप्टी सीएम वी.डी. सतीसन ने इसे 'चौंकाने वाला' बताया है।
केरल PSC की जांच में क्राइम ब्रांच
केरल सरकार ने केरल पब्लिक सर्विस कमीशन (PSC) के कामकाज की उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। यह जांच 2020 के बाद से आयोजित भर्ती परीक्षाओं और सरकारी नियुक्तियों में संभावित धांधली के गंभीर आरोपों के बाद शुरू की गई है।
डिप्टी चीफ मिनिस्टर वी.डी. सतीसन ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि इन भर्ती प्रक्रियाओं के बारे में मिली जानकारी 'चौंकाने वाली' है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जांच पूरी होने के बाद सरकार उचित कार्रवाई करेगी। इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जो 2020 से अब तक हुई परीक्षाओं की बारीकी से पड़ताल करेगा। रिपोर्टों के अनुसार, जांच के तहत पूर्व PSC चेयरमैन सहित कई पूर्व अधिकारियों से भी पूछताछ की जा सकती है, ताकि कथित अनियमितताओं की सीमा का पता लगाया जा सके।
यह समझना महत्वपूर्ण है कि केरल PSC एक संवैधानिक संस्था है जो सरकारी भर्तियों के लिए जिम्मेदार है। किसी भी स्टॉक मार्केट वाली कंपनी की तरह इसके शेयर बाजार में कोई लिस्टिंग, वित्तीय नतीजे या शेयरधारक नहीं होते। हालांकि, ऐसी भर्ती प्रणालियों की निष्पक्षता सरकारी सेवाओं की स्थिरता और जनता के विश्वास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह जांच राज्य संस्थानों में शासन और प्रक्रियात्मक पारदर्शिता पर एक महत्वपूर्ण प्रकाश डालती है।
PSC जांच के अलावा, सरकार कई अन्य प्रशासनिक चुनौतियों से भी निपट रही है। इनमें लोअर प्राइमरी स्कूल टीचर (LPST) उम्मीदवारों द्वारा जारी विरोध प्रदर्शन शामिल हैं, जहां भर्ती विसंगतियों और संरचनात्मक परिवर्तनों के कारण संभावित नौकरियों के नुकसान को लेकर अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच लगातार बातचीत चल रही है। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार कर्मचारियों के लिए MEDISEP स्वास्थ्य बीमा योजना की समीक्षा कर रही है और सबरीमाला मंदिर के लिए घी की खरीद में कथित अनियमितताओं की जांच केरल हाई कोर्ट की निगरानी में चल रही है।
ये प्रशासनिक अपडेट केरल में विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के ऑपरेशनों पर गहन जांच की अवधि को दर्शाते हैं। राज्य के शासन पर नजर रखने वालों के लिए, अगले कदम के रूप में क्राइम ब्रांच की PSC परीक्षाओं पर रिपोर्ट का इंतजार रहेगा, जो यह तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी कि आगे कौन से नियामक या कानूनी कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।
